अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने का क्रेडिट लिया। उन्होंने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में सांसदों से कहा कि उनके दखल से दोनों देशों के बीच होने वाला न्यूक्लियर टकराव टल गया। ट्रंप ने दावा किया है कि साल 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान उनकी कूटनीतिक पहल ने करोड़ों लोगों की जान बचाई थी। ट्रंप ने कहा कि, अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो हालात बेहद गंभीर बन सकते थे। उनकी बातचीत से 35 मिलियन लोगों की जान बच पाई।
स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में ट्रंप ने कहा कि अपने पहले 10 महीनों में उन्होंने आठ युद्ध खत्म कराए। उन्होंने दावा किया कि अगर उन्होंने दखल नहीं किया होता तो भारत और पाकिस्तान के बीच न्यूक्लियर वॉर हो सकता था। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने भारत का “ऑपरेशन सिंदूर” रुकवाकर पाकिस्तान के करोड़ों लोगों को बचाया। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर वह बीच में नहीं आते तो पाकिस्तान में 3.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती थी।
ट्रंप का यह बयान भारत के खिलाफ मई 2025 में चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के बैकफुट पर होने का स्पष्ट संकेत देता है। बता दें कि, ट्रंप मई 2025 से अब तक कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बात कर तनाव कम कराया था। उन्हीं की वजह भारत-पाकिस्तान ने सीजफायर किया था।
ट्रंप ने कहा कि यह भी कहा कि अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए कड़ी कोशिश कर रहा है। ट्रंप का कहना था कि अगर वह जो बाइडेन की जगह राष्ट्रपति होते, तो यह युद्ध शुरू ही नहीं होता। इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि सीजफायर समझौते के तहत उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी बंधकों को, चाहे वे जीवित हों या मृत, उनके घर वापस लाया जाए।