Donald trump vs Elon musk: मेरे दोस्त किस्सा ये क्या हो गया....ट्रंप और मस्क की दोस्ती को किसकी लग गई नजर, जानिए पर्दे के पीछे की कहानी

दुनिया के सबसे अमीर शख्स और दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति की दोस्ती एक मिसाल बन गई थी। आखिर परवान चढ़ने से पहले यह दोस्ती क्यों टूट गई? दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति मिलकर बहुत कुछ कर सकते थे। फिर आखिर इस दोस्ती को किसकी नजर लग गई

अपडेटेड Jun 07, 2025 पर 2:53 PM
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के मैदान पर चल रही इस लड़ाई को पूरी दुनिया देख रही है।

भारत में ऐसी कई फिल्में बनी हैं, जिसमें दो ऐसे दोस्तों के बीच दरार पड़ने की कहानी दिखाई गई हैं। यह फिल्मी कहानी असल जिंदगी में दिख रही है। अमेरिका में एक ऐसी दोस्ती में दरार पड़ गई है, जिसकी उम्मीद हाल तक शायद ही किसी ने की होगी। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप और दुनिया के सबसे अमीर शख्स अब दोस्त नहीं रह गए हैं। इतना भर कहना काफी नहीं होगा। यह बताना जरूरी है कि यह दोस्ती अब दुश्मनी में बदल गई है। ट्रंप कह रहे हैं---मेरे दोस्त किस्सा ये क्या हो गया सुना है तू बेवफा हो गया (फिल्म दोस्ताना का गाना)। उधर, ट्रंप का कहना है---दोस्त दोस्त ना रहा...(फिल्म संगम का गाना)।

परवान चढ़ने से पहले टूट गई दोस्ती

आखिर परवान चढ़ने से पहले यह दोस्ती क्यों टूट गई? दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति मिलकर बहुत कुछ कर सकते थे। फिर आखिर इस दोस्ती को किसकी नजर लग गई? क्या इसकी वजह वहीं हैं जो मीडिया की खबरों में बताया जा रहा है, या कुछ और है जो पर्दे के पीछे है?


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बना लड़ाई का मैदान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के मैदान पर चल रही इस लड़ाई को पूरी दुनिया देख रही है। अब तक जो बातें सामने आई हैं, उनसे यह लगता है कि अमेरिकी सरकार के एक खास बिल ने दोनों के बीच दरार ला दिया। मस्क का दावा है कि सरकार के खर्च में कमी करने और टैक्स घटाने के बिल के बारे में उन्हें कुछ नहीं बताया गया, जबकि वह सरकार के अभिन्न हिस्सा थे। रात के अंधेरे में इस बिल को मंजूरी दे दी गई।

टेस्ला के शेयर एक दिन में 14 फीसदी क्रैश कर गए

फिर तो 5 जून से शुरू हुए दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले को पूरी दुनिया देख रही है। इस लड़ाई का असर Tesla के शेयरों पर पड़ा। 5 जून को कंपनी के शेयर 14 फीसदी क्रैश कर गए, जिससे टेस्ला का मार्केट कैपिटलाइजेशन 152 अरब डॉलर घट गया। यह कितना बड़ा नुकसान है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यह इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी TCS के मार्केट कैपिटलाइजेशन के करीब बराबर है। इससे टेस्ला के शेयरहोल्डर्स को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा, जिसमें उनका कोई कसूर नहीं है।

दोस्ती कितनी गहरी दुश्मनी में बदल गई है इसका अंदाजा दोनों के आरोप प्रत्यारोप से मिल जाता है। आइए जानते हैं दोनों ने एक दूसरे पर किस-किस तरह के आरोप लगाए हैं।

1.ट्रंप ने मस्क को पागल कहा

ट्रंप ने कहा कि मैंने उसे पद छोड़ने के लिए कहा। ईवी के लिए सरकारी मदद वापस लेने के कानून से मस्क पागल हो गया। वह इलेक्ट्रिक व्लीहकल्स को सरकारी मदद बंद होने की बात को पचा नहीं सका।

2. यह रिश्ता नहीं चल सकता

ट्रंप ने कहा कि मैंने मस्क की काफी मदद की। उसके और मेरे बीच अच्छे रिश्ते थे। अब मैं नहीं कह सकता कि यह रिश्ता आगे चल पाएगा। मैं बहुत निराश हूं।

3. मस्क ने पहले बिल का विरोध नहीं किया

ट्रंप ने कहा कि मस्क को खर्च में कमी करने के सरकार के बिल के बारे में सबकुछ पता था। लेकिन, उसने पहले विरोध नहीं किया। उसने सरकार से अलग होने के बाद इसका विरोध करना शुरू किया।

4. सभी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स रद्द करने की धमकी

ट्रंप ने मस्क की कंपनियों के साथ सरकार के सभी कॉन्ट्रैक्ट्स खत्म करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार का पैसा बचाने का आसान तरीका है कि मस्क को मिलने वाली अरबों-अरबों डॉलर की सब्सिडी बंद कर दी जाए। मुझे इस बात की हैरानी है कि बाइडने ने ऐसा क्यों नहीं किया।

मस्क ने ट्रंप को करारा जवाब दिए। उन्होंने ट्रंप के बारे-बारे में ऐसी-ऐसी बातें कही, जिनपर यकीन नहीं होता। आइए जानते हैं उन्होंने क्या-क्या ।

1. ट्रंप ने बिल के बारे में झूठ बोला

मस्क ने कहा कि ट्रंप ने बिल के बारे में झूठ बोला कि मुझे इसकी जानकारी थी। यह बिल मुझे कभी नहीं दिखाया गया था। इस बिल को रात के अधरे में पास कर दिया गया ताकि किसी सांसद की नजर इस पर नहीं पड़े।

2. मेरी वजह से चुनाव में ट्रंप जीत पाए

मस्क ने कहा कि अगर मैंने ट्रंप की मदद नहीं की होती तो ट्रंप राष्टपति पद का चुनाव हार जाते। डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में होता और सीनेट में सिर्फ 51-49 रिपब्लिकंस रह जाते।

3. ट्रंप एक अहसान फरामोश

मस्क ने ट्रंप को एक अहसान फरामोश व्यक्ति तक कह दिया। इसका मतलब ऐसे व्यक्ति से है, जो दूसरे के उपकार को कभी याद नहीं रखता।

4. ट्रंप पर महाभियोग चलना चाहिए और वेंस को राष्ट्रपति बनना चाहिए

जब एक यूजर ने पोस्ट में पूछा कि क्या ट्रंप पर महाभियोग चलना चाहिए और जेडी वेंस को उनकी जगह राष्ट्रपति बनना चाहिए तो मस्क ने इसका जवाब हां में दिया।

5. ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल्स में

मस्क ने यहां तक कह दिया कि ट्रंप का नाम जेफरी एपस्टीन की फाइल्स में शामिल है। उन्होंने कहा कि यहीं वजह है कि ट्रंप ने एपस्टीन फाइल्स सार्वजनिक नहीं की है। यह आरोप बहुत गंभीर है, क्योंकि एपस्टीन को बाल वेश्यावृति का दोषी पाया गया था। उसने जेल में आत्महत्या कर ली थी।

6. ड्रैगन स्पेशक्राफ्ट को बंद करने की धमकी

मस्क ने ट्रंप के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स खत्म करने के जबाव में कहा कि ऐसा हुआ तो वह अपने ड्रैगन एयरक्राफ्ट को बंद कर देंगे। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा वह फिलहाल ऐसा नहीं करेंगे।

दोस्ती टूटने की यह है असल वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ट्रंप ने इस साल 20 जनवरी को ली थी। उन्होंने मस्क को उस विभाग का प्रमुख बनाया जिसका काम अमेरिकी सरकार के खर्च को घटाना था। इस नाते मस्क को कई कड़े फैसले लेने पड़े। एक तरफ मस्क को ऐसे काम करने पड़ रहे थे, जिससे आम लोगों की नौकरी जा रही थी तो दूसरी तरफ उनके पर्याप्त समय नहीं देने से Tesla का कामकाज प्रभावित हो रहा था।

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इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस साल 21 जनवरी को Tesla का शेयर 424 डॉलर पर था, जो गिरकर अब 295 डॉलर पर आ गया है। इससे टेस्ला के शेयहोल्डर्स काफी चिंतित थे। धीर-धीरे मस्क को भी समझ आने लगा था कि अगर उन्होंने अपनी कंपनियों पर ध्यान नहीं दिया तो बड़ा नुकसान हो सकता है। फिर वह ट्रंप से अलग होने के मौके तलाशने लगे। सही मौका मिलते ही उन्होंने अपना रास्ता बदल दिया।

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