ट्रंप के बालों से जुड़ा एक बड़ा राज उनकी मेडिकल रिपोर्ट से हुआ गायब! इस बात को लेकर क्यों मचा है बवाल?

Donald Trump Health Update: ट्रंप की मेडिकल रिपोर्ट से एक खास दवा के गायब होने पर इतना बवाल इसलिए भी मच रहा है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप दशकों से अपनी अनूठी हेयर स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर अपनी इस हेयर स्टाइल का सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करते आए हैं। अगस्त 2015 में दक्षिण कैरोलिना में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने मंच पर एक महिला को बुलाकर अपने बाल खिंचवाए थे ताकि लोगों को साबित कर सकें कि वह विग नहीं पहनते हैं

अपडेटेड Jun 05, 2026 पर 1:10 PM
फिनास्टेराइड पुरुषों में गंजेपन की समस्या को रोकने के लिए दुनिया भर में इस्तेमाल की जाने वाली एक आम दवा है

Trump Medical Report: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वास्थ्य और उनकी मेडिकल रिपोर्ट को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उम्र के 80वें पड़ाव पर पहुंच रहे ट्रंप के स्वास्थ्य को लेकर अमेरिकी जनता और मीडिया के बीच पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस नए विवाद की मुख्य वजह यह है कि ट्रंप के बालों को झड़ने से रोकने वाली एक बेहद लोकप्रिय दवा फिनास्टेराइड (Finasteride) का नाम उनके दूसरे कार्यकाल की हालिया वाइट हाउस स्वास्थ्य रिपोर्ट से अचानक गायब हो गया है। हमारी सहयोगी वेबसाइट फर्स्ट पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इस दवा को रिपोर्ट में शामिल न करने के बाद राष्ट्रपति के स्वास्थ्य की पारदर्शिता और जनता के जानने के अधिकार को लेकर अमेरिका में एक नई बहस छिड़ गई है।

आपको बता दें कि फिनास्टेराइड पुरुषों में गंजेपन की समस्या को रोकने के लिए दुनिया भर में इस्तेमाल की जाने वाली एक आम दवा है। इसे प्रोपेसिया ब्रांड नाम से भी बेचा जाता है। साल 2016 में ट्रंप के पहले राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान उनके तत्कालीन डॉक्टर हेरोल्ड बोर्नस्टीन द्वारा जारी मेडिकल समरी में इस दवा का कोई जिक्र नहीं था। लेकिन डॉक्टरों ने ध्यान दिया कि ट्रंप का पीएसए (PSA - प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन) का लेबल असामान्य रूप से बहुत कम था। पीएसए का स्तर कम होने का सीधा संबंध फिनास्टेराइड दवा के नियमित सेवन से होता है। विवाद बढ़ने पर डॉक्टर बोर्नस्टीन ने खुलासा किया था कि ट्रंप अपने बाल झड़ने से रोकने के लिए फिनास्टेराइड ले रहे हैं।

वाइट हाउस डॉक्टरों ने दी थी पुष्टि


ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान वाइट हाउस के डॉक्टरों ने इस दवा को उनके आधिकारिक मेडिकल रूटीन का हिस्सा माना था। जनवरी 2018 में वाइट हाउस के तत्कालीन फिजिशियन रोनी जैक्सन ने प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट कहा था कि ट्रंप मेल-पैटर्न हेयर लॉस से बचाव के लिए रोजाना 1 मिलीग्राम प्रोपेसिया लेते हैं। इसके बाद जून 2020 में ट्रंप के अगले डॉक्टर सीन कॉनली ने भी रिपोर्ट किया था कि राष्ट्रपति यह दवा ले रहे हैं।

ताजा रिपोर्ट से दवा गायब होने पर क्यों खड़ा हुआ विवाद?

जनवरी 2025 में ट्रंप के दोबारा वाइट हाउस लौटने के बाद से उनकी किसी भी मेडिकल रिपोर्ट में फिनास्टेराइड का कोई जिक्र नहीं किया गया है। वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में हुए हालिया मेडिकल टेस्ट के बाद पिछले हफ्ते जारी की गई रिपोर्ट में भी यह दवा गायब थी। जब इस दवा के गायब होने पर सवाल पूछे गए तो वाइट हाउस के अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने यह दवा लेनी बंद कर दी है या नहीं। वाइट हाउस ने सिर्फ यह बयान दिया कि मौजूदा रिपोर्ट में उन सभी दवाओं को शामिल किया गया है जिन्हें इस समय सार्वजनिक करना चिकित्सकीय रूप से प्रासंगिक समझा गया। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट में ऐसी कोई भी अघोषित स्थिति या प्रक्रिया नहीं छोड़ी गई है जो उनके राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने की क्षमता को प्रभावित करती हो।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

डॉक्टरों का कहना है कि फिनास्टेराइड को अचानक बंद करने से समय के साथ बहुत तेजी से बाल झड़ने लगते हैं। वैसे इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि ट्रंप ने यह दवा छोड़ी है या नहीं। ट्रंप का स्वास्थ्य इस समय अमेरिकी मीडिया के लेंस पर है क्योंकि वह 14 जून को 80 वर्ष के होने जा रहे हैं और वह अमेरिका के इतिहास में चुने गए सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति हैं।

अस्पताल के बार-बार चक्कर

अप्रैल 2025 से अब तक राष्ट्रपति ट्रंप चार बार वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर जा चुके हैं। इन यात्राओं के दौरान उनके हाथों पर दिखने वाले नीले निशान और पैरों व टखनों में सूजन की ओर लोगों का ध्यान गया था। उनके मौजूदा डॉक्टर सीन पी बारबाबेला ने उन्हें बिल्कुल फिट बताया है। हाथों के नीले निशानों की वजह कार्डियोवैस्कुलर सुरक्षा के लिए ली जाने वाली एस्पिरिन दवा को बताया गया है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि प्रशासन ने दवाओं की खुराक और इलाज की पूरी जानकारी नहीं दी है।

एमआरआई और कॉग्निटिव टेस्ट पर सस्पेंस

ट्रंप ने हाल ही में खुलासा किया कि उनकी मेडिकल जांच के दौरान एक एमआरआई (MRI) स्कैन भी किया गया था लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि शरीर के किस हिस्से का स्कैन हुआ। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह उनके मस्तिष्क का स्कैन नहीं था। इसके अलावा ट्रंप अपनी मानसिक सतर्कता के सबूत के रूप में मॉन्ट्रियल कॉग्निटिव असेसमेंट टेस्ट के नतीजों का बार-बार हवाला देते हैं। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि यह टेस्ट बौद्धिक श्रेष्ठता मापने के लिए नहीं बल्कि मानसिक कमजोरी या गड़बड़ी की पहचान के लिए होता है।

ट्रंप पर थकान दिखने का आरोप और भूलने की शिकायतें

सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कई बार ट्रंप थके हुए नजर आए हैं और कुछ मौकों पर उनके भ्रमित होने व याददाश्त चूकने के उदाहरण भी देखे गए हैं। पिछले महीने जारी एक इप्सोस पोल के मुताबिक 59 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि ट्रंप के पास राष्ट्रपति के रूप में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक मानसिक तीक्ष्णता नहीं है, जबकि 55 प्रतिशत ने उनकी शारीरिक स्थिति पर चिंता जताई। यह मुद्दा इसलिए भी बड़ा है क्योंकि ट्रंप और उनके पूर्ववर्ती जो बाइडेन अमेरिकी इतिहास के दो सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति हैं। बाइडेन जब वाइट हाउस से हटे तो उनकी उम्र 82 वर्ष थी और ट्रंप 80 के करीब हैं। 2024 के चुनाव अभियान में ट्रंप ने लगातार बाइडेन की फिटनेस पर सवाल उठाए थे और उनके कॉग्निटिव टेस्ट की मांग की थी।

हाल ही में पूर्व फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन ने अपने संस्मरण में लिखा है कि जून 2024 की बहस में खराब प्रदर्शन के बाद उनके पति को कॉग्निटिव टेस्ट कराना चाहिए था। इसके अलावा पत्रकारों (जेक टैपर और एलेक्स थॉम्पसन) की 2025 में आई किताब ओरिजिनल सिन में भी यह आरोप लगाया गया है कि बाइडेन प्रशासन ने पूर्व राष्ट्रपति की शारीरिक गिरावट के सबूतों को छिपाने का काम किया था।

अमेरिकी राष्ट्रपतियों में गोपनीयता का लंबा इतिहास

वाइट हाउस द्वारा राष्ट्रपतियों के सेहत से जुड़ी जानकारी को छिपाना कोई नई बात नहीं है, इसका एक लंबा इतिहास रहा है-

ग्रोवर क्लीवलैंड (1893): उन्होंने जनता से झूठ कहा कि वह मछली पकड़ने की यात्रा पर जा रहे हैं, जबकि गुपचुप तरीके से उनके जबड़े से कैंसर के ट्यूमर को हटाने के लिए सर्जरी की गई थी।

वुडरो विल्सन (1919): उन्हें पड़े गंभीर स्ट्रोक (लकवे) की जानकारी को लंबे समय तक देश से छिपाकर रखा गया था।

फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट: उनके व्हीलचेयर पर निर्भर होने की बात को तस्वीरों और सार्वजनिक चर्चाओं से दूर रखा जाता था।

जॉन एफ. कैनेडी: उनके द्वारा भारी मात्रा में दर्द निवारक दवाओं के इस्तेमाल की बात को भी कभी पूरी तरह उजागर नहीं किया गया था।

स्वयं ट्रंप को उनके पहले कार्यकाल में साल 2020 में कोविड-19 संक्रमण की गंभीरता को छिपाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। उनके एक पूर्व डॉक्टर ने यह भी दावा किया था कि उनके नाम से जारी की गई ट्रंप की एक हेल्थ रिपोर्ट खुद ट्रंप ने बोलकर लिखवाई थी।

बालों के प्रति ट्रंप का पुराना लगाव

ट्रंप की मेडिकल रिपोर्ट से इस दवा के गायब होने पर इतना बवाल इसलिए भी मच रहा है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप दशकों से अपनी अनूठी हेयर स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर अपनी इस हेयर स्टाइल का सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करते आए हैं। अगस्त 2015 में दक्षिण कैरोलिना में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने मंच पर एक महिला को बुलाकर अपने बाल खिंचवाए थे ताकि लोगों को साबित कर सकें कि वह विग नहीं पहनते हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह हेयर स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं। यही कारण है कि अब उनके बालों से जुड़ी दवा का मेडिकल रिपोर्ट से गायब होना चर्चा का विषय बन गया है।

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