America First: ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत USA ने 66 वैश्विक संगठनों से तोड़ा नाता, भारत-फ्रांस के सौर गठबंधन को बड़ा झटका

Trump America First: व्हाइट हाउस के आधिकारिक बयान में इस फैसले के पीछे के उद्देश्यों को स्पष्ट किया गया है। ट्रंप का तर्क है कि अमेरिकी करदाताओं का अरबों डॉलर ऐसे संगठनों पर खर्च हो रहा है जो अमेरिका की आलोचना करते हैं या कोई सार्थक परिणाम नहीं देते

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 10:52 AM
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इस लिस्ट में 31 संयुक्त राष्ट्र (UN) की संस्थाएं और 35 गैर-UN संगठन शामिल है

America First: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े कदम के तहत 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने के निर्देश दिए हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह निर्णय उन संस्थाओं को टारगेट करता है जो अब अमेरिकी राष्ट्रीय हितों को दरकिनार करते है या 'ग्लोबलिस्ट एजेंडा' को बढ़ावा देते है। इस सूची में 31 संयुक्त राष्ट्र (UN) की संस्थाएं और 35 गैर-UN संगठन शामिल है।

जलवायु और पर्यावरण संस्थाओं पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'

ट्रंप ने उन निकायों को विशेष रूप से निशाना बनाया है जो 'कट्टरपंथी जलवायु नीतियों' को बढ़ावा देते है। अमेरिका अब UNFCCC का हिस्सा नहीं रहेगा जो अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं का आधार है। इसके साथ ही इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) और इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) से भी अमेरिका ने समर्थन वापस ले लिया है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ये संस्थाएं अमेरिकी संप्रभुता और आर्थिक ताकत को कमजोर करती है।


भारत के नेतृत्व वाले सौर गठबंधन (ISA) को बड़ा झटका

ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण असर इंटरनेशनल सोलर एलायंस (ISA) पर पड़ा है। ISA स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भारत और फ्रांस द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई एक प्रमुख पहल है। अमेरिका के बाहर होने से इस गठबंधन के वित्तीय संसाधनों और वैश्विक प्रभाव पर असर पड़ सकता है। इसे भारत की वैश्विक जलवायु कूटनीति के लिए एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

'अमेरिका फर्स्ट' नीति

व्हाइट हाउस के आधिकारिक बयान में इस फैसले के पीछे के उद्देश्यों को स्पष्ट किया गया है। ट्रंप का तर्क है कि अमेरिकी करदाताओं का अरबों डॉलर ऐसे संगठनों पर खर्च हो रहा है जो अमेरिका की आलोचना करते हैं या कोई सार्थक परिणाम नहीं देते। इन संगठनों को दी जाने वाली फंडिंग अब बुनियादी ढांचे, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक शक्ति जैसे घरेलू कार्यों में लगाई जाएगी। ट्रंप ने दोहराया कि वे वैश्विक शासन के बजाय अमेरिकी स्वतंत्रता और 'अमेरिका फर्स्ट' विजन को प्राथमिकता देंगे।

वैश्विक मंच पर अमेरिका की बदलती भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बहुपक्षवाद से अमेरिका के पीछे हटने का सबसे बड़ा संकेत है। इससे पहले ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनेस्को से भी हटने की भी घोषणा कर दी थी। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति नई रणनीतिक चुनौतियां पैदा करेगी, खासकर तब जब वे जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहे हैं।

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