'ईरान की सेना 100% खत्म, होर्मुज को खोलने के लिए सेना भेज रहे कई देश....', जंग के बीच ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश से प्रभावित देशों से उम्मीद है कि वे अमेरिका के साथ वॉरशिप भेजेंगे ताकि यह पक्का हो सके कि वॉटरवे खुला और सेफ रहे। वहीं जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेनाएं पहले ही ईरान की लगभग 100 प्रतिशत सैन्य क्षमता को नष्ट कर चुकी हैं

अपडेटेड Mar 14, 2026 पर 11:23 PM
Story continues below Advertisement
ईरान और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के बाद अब मिडिल ईस्ट में खौफनाक मंजर की आहट सुनाई देने लगी है

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है। वहीं ईरान और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के बाद अब मिडिल ईस्ट में खौफनाक मंजर की आहट सुनाई देने लगी है, क्योंकि अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत का सबसे घातक हिस्सा इस मोर्चे पर तैनात कर दिया है। वहीं जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेनाएं पहले ही ईरान की लगभग 100 प्रतिशत सैन्य क्षमता को नष्ट कर चुकी हैं। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अब भी ड्रोन, समुद्री बारूदी सुरंगों या कम दूरी की मिसाइलों के जरिए होर्मुज स्ट्रेट में जहाज़ों को निशाना बनाकर यातायात बाधित करने की कोशिश कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि यह जलमार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी सुरक्षा जरूरी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश से प्रभावित देशों से उम्मीद है कि वे अमेरिका के साथ वॉरशिप भेजेंगे ताकि यह पक्का हो सके कि वॉटरवे खुला और सेफ रहे।

ईरानी हमलों में तबाह हुए 5 अमेरिकी प्लेन?


वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों को ख़ारिज किया है जिनमें पांच अमेरिकी टैंकर प्लेन को भारी नुकसान होने की बात सामने आई थी। पहले रिपोर्टों में दावा था कि अमेरिकी प्लेन सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर थे। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "बेस पर कुछ दिन पहले हमला हुआ था, लेकिन प्लेन न तो गिराए गए और न ही नष्ट हुए। पांच में से चार को लगभग कोई नुकसान नहीं हुआ और वे फिर से काम में लग गए हैं।" डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को 'हर हाल में' खोलने की भी बात कही है। उन्होंने कई देशों को अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है। उन्होंने चीन, फ़्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का भी नाम लिया।

जंग के बीच ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज़ों के आने-जाने में बाधा जारी रहती है, तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका तटरेखा पर जोरदार बमबारी करेगा और ईरान की नावों व जहाज़ों को समुद्र में ही नष्ट करता रहेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक यह समुद्री रास्ता पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका कार्रवाई जारी रखेगा। उनके मुताबिक अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि यह जलडमरूमध्य खुला, सुरक्षित और स्वतंत्र बना रहे।

इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला कर दिया था। जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमला किया। दोनों ओर से मिसाइलें 14वें दिन भी दागे जा रहे हैं। ईरान इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है जिससे दुनिया के तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।