Elon Musk का ₹235000 करोड़ का Terafab Project, चिप के लिए ताइवान पर निर्भरता होगी खत्म!

Elon Musk's Terafab Project: एलॉन मस्क एक ऐसे प्रोजेक्ट टेराफैब पर काम कर रहे हैं जिसकी क्षमता अमेरिका के कुल इलेक्ट्रिसिटी जेनेरेशन कैपेसिटी से थोड़ी ही कम होगी। यह प्रोजेक्ट $2500 करोड़ यानी ₹2.35 लाख करोड़ का है जिसका ऐलान 21 मार्च को हुआ। जानिए इस प्रोजेक्ट की जरूरत क्यों पड़ी और टेराफेब क्या काम करेगा और इसे लेकर चुनौतियां क्या-क्या हैं

अपडेटेड Mar 22, 2026 पर 5:29 PM
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Elon Musk's Terafab Project: एलॉन मस्क का कहना है कि या तो वह टेराफेब बनाएंगे, या उनके पास चिप्स नहीं होंगे और चूंकि उन्हें चिप्स चाहिए, इसलिए इसे बनाएंगे।

Elon Musk's Terafab Project: एआई फर्म XAI के फाउंडर और मालिक एलॉन मस्क (Elon Musk) ने आधिकारिक तौर पर टेराफैब लॉन्च कर दिया है। यह मस्क का एक महत्वाकांक्षी चिप प्रोजेक्ट है जिसका लक्ष्य एआई, रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस वेईकल्स और स्पेस-बेस्ड कंप्यूटिंग के लिए एडवांस्ड चिप बनाना है। $2500 करोड़ यानी ₹2.35 लाख करोड़ के इस प्रोजेक्ट का ऐलान 21 मार्च को हुआ और इसकी फैसिलिटी अमेरिका के टेक्सस के ऑस्टिन के पास होगी। इसे टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) मिलकर चलाएंगे। ये दोनों भी ट्रंप की ही कंपनी हैं। टेराफैब को सालाना एक टेरावाट कंप्यूटिंग पावर पैदा करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है जोकि एक लाख वाट्स के बराबर है। यह अमेरिका की तुल इलेक्ट्रिसिटी जेनेरेशन कैपेसिटी से हल्का ही कम है।

मस्क का कहना है कि यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि टेस्ला और स्पेसएक्स में हाई-परफॉरमेंस वाले चिप्स की मांग वैश्विक सप्लाई से कहीं अधिक होने का अनुमान है। मस्क लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि अगर चिप का उत्पादन एआई और रोबोटिक्स की जरूरतों के हिसाब से नहीं रहा तो टेस्ला को चिप की कमी का सामना करना पड़ सकता है। मस्क ने एक खतरे का भी जिक्र किया है। उन्होंने ताइवान में बनी चिप पर अधिक निर्भरता का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग जियोपॉलिटिकल रिस्क को कम करके आंक रहे हैं जबकि आने वाले वर्षों में यह एक प्रमुख कारक बनने वाला है।

क्या करेगी Terafab?


टेराफेब एक एडवांस्ड टेक्नोलॉजी फैब के रूप में शुरू होगी, जो चिप्स को पूरी तरह से अपने यहां ही डिजाइन करके बनाने, टेस्टिंग और सुधार करने में सक्षम होगी। उम्मीद की जा रही है कि यह कटिंग-ऐज 2 नैनोमीटर चिप्स बना सकेगा और आने वाले समय में यह धरती पर 100–200 गीगावॉट कंप्यूटिंग क्षमता वाले चिप्स और अंतरिक्ष में एक टेरावॉट तक अपनी क्षमता बढ़ा सकेगी। टेराफैब फैसिलिटी में दो प्रकार के चिप्स बनाए जाएंगे- एक तो टेस्ला की गाड़ियों, रोबोटैक्सी और ऑप्टिमस ह्यूमनॉइड रोबोट के लिए तो दूसरा स्पेसएक्स और एक्सएआई के लिए हाई-परफॉरमेंस वाले चिप्स। वैसे मस्क को उम्मीद है कि अधिकतर चिप का इस्तेमाल xAI ही करेगी। मस्क का कहना है कि या तो वह टेराफेब बनाएंगे, या उनके पास चिप्स नहीं होंगे और चूंकि उन्हें चिप्स चाहिए, इसलिए इसे बनाएंगे।

टेराफेब प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा स्पेस-बेस्ड कंप्यूटिंग है। मस्क ने 100 किलोवाट की क्षमता वाले एक छोटे एआई डेटा सेंटर सैटेलाइट का विचार भी पेश किया और कहा कि आने वाले समय में सैटेलाइट की क्षमता मेगावाट तक हो सकती है। स्पेसएक्स ने FEC (फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन) के पास ऑर्बिट में दस लाख डेटा सेंटर सैटेलाइट्स को स्थापित करने के लिए आवेदन किया है जो स्पेस-बेस्ड एक बड़े एआई नेटवर्क को तैयार करेगा। मस्क ने चंद्रमा से सैटेलाइट छोड़ने का भी विचार किया।

प्रोजेक्ट को लेकर क्या है चुनौतियां

इस प्रोजेक्ट पर $2000-$2500 करोड़ का खर्च आने की उम्मीद है जोकि दिखाता है कि सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन में कितनी भारी पूंजी लगती है। चिप फैक्ट्री को ऑपरेशनल होने में कई वर्ष लगते हैं और कई कॉम्प्लेक्स इक्विपमेंट के लिए एक नहीं, बल्कि कई ग्लोबल सप्लायर पर निर्भर होना पड़ता है। इसमें से एक तो यूरोप की एएसएमल है जिसकी अहम लिथोग्राफी टेक्नोलॉजी में दबदबा है। मस्क को चिप मैन्युफैक्चरिंग में पहले से कोई अनुभव नहीं है जिससे टाइमलाइन और एग्जीक्यूशन को लेकर संदेह है।

हालांकि इन दिक्कतों के बावजूद टेराफैब मस्क की वर्टिकल इंटीग्रेशन की फिलॉसफी के हिसाब से ही है जिसके तहत अहम टेक्नोलॉजी को खुद से तैयार करने की स्ट्रैटेजी है। एक और पॉजिटिव प्वाइंट ये है कि टेस्ला, स्पेसएक्स, एक्सएआई, न्यूरालिंक और बोरिंग कंपनी एआई डेवलपमेंट, एनर्जी स्टोरेज और रोबोटिक्स जैसे अपने रिसोर्सेज को साझा करते हैं। टेराफेब सिर्फ एक चिप फैक्ट्री नहीं है बल्कि यह धरती से अंतरिक्ष तक एआई कंप्यूटिंग बढ़ाने के लिए मस्क की महत्वाकांक्षा के केंद्र में है। टेस्ला को यह एआई से लैस गाड़ियां और रोबोटिक्स सुनिश्चित करेगी तो स्पेसएक्स और एक्सएआई को बड़े पैमाने पर ऑर्बिटल कंप्यूटिंग।

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