Viral Video: जापान में दो दशक से रह रहे एक भारतीय रेस्टोरेंट मालिक की आंखों में उस वक्त आंसू आ गए, जब अधिकारियों ने उनके 'बिजनेस मैनेजर वीजा' के रिन्यूअल को नामंजूर कर दिया। इसके चलते उन्हें अपना वह रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा है, जिसे वह लगभग दो दशकों से चला रहे थे। साइतामा प्रीफेक्चर में स्थित भारतीय रेस्टोरेंट के मालिक मनीष कुमार ने बताया कि जापान की 'इमिग्रेशन सर्विसेज एजेंसी' (ISA) ने पिछले साल लागू किए गए सख्त नियमों के तहत उनके वीजा रिन्यूअल को नामंजूर कर दिया है।
इस फैसले ने उन्हें और उसके परिवार को सकंट में डाल दिया है। मनीष कुमार ने कहा कि वह इस फैसले से पूरी तरह टूट गए हैं। उन्हें डर है कि उनके परिवार को जापान छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा। उनके बच्चों का जन्म वहीं हुआ और वे वहीं पले-बढ़े भी। लेकिन अब जापान के साइतामा प्रीफेक्चर में रहने वाले मनीष कुमार का वीजा रिन्यू करने से जापानी अधिकारियों ने इनकार कर दिया है।
इसके बाद अब उन्हें अपना रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ गई है। अब उनके परिवार को भारत लौटने के लिए कहा जा रहा है। रेस्टोरेंट के मालिक मनीष कुमार ने कहा, "दो हफ्ते पहले ISA ने मुझसे कहा कि मैं अपने देश वापस चला जाऊं। मेरे बच्चों का जन्म जापान में हुआ और वे यहीं पले-बढ़े। वे सिर्फ जापानी भाषा ही समझते हैं। उनके सभी दोस्त भी जापानी ही हैं। लेकिन, हमसे कहा जा रहा है कि हम भारत वापस चले जाएं। अब मैं क्या करूं?"
मनीष कुमार ने आगे कहा कि उन्हें दो हफ्ते पहले जापान की इमिग्रेशन सर्विस एजेंसी (ISA) की तरफ से देश छोड़ने के लिए कहा गया है। पिछले साल जापान द्वारा अपनी 'बिजनेस मैनेजर वीजा' सिस्टम में व्यापक बदलाव किए जाने के बाद छोटे विदेशी कारोबारियों के बीच बढ़ती चिंता के बीच प्रतीक कुमार का मामला सामने आया है।
इस घटना के बाद जापान की नई इमिग्रेशन नीति पर बहस तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 में नए नियम लागू होने के बाद से जापान के 'बिजनेस मैनेजर वीजा' के लिए आने वाले आवेदनों की संख्या में भारी गिरावट आई है। मासिक आवेदनों की संख्या लगभग 1,700 से घटकर महज 70 रह गई है। अधिकारियों का तर्क है कि इस बदलाव का उद्देश्य वीजा सिस्टम के दुरुपयोग को रोकना है। उनका मानना है कि कुछ लोग बिना कोई वास्तविक व्यवसाय चलाए, इस वीजा को लंबे समय तक जापान में रहने का एक आसान जरिया बना लेते थे।
नई शर्तों से विदेशी कारोबारी परेशान
हालांकि, ताजा सख्ती की चपेट में वे छोटे व्यवसायी भी आ गए हैं, जो कई सालों से ईमानदारी से अपना व्यवसाय चला रहे थे। 'बिजनेस मैनेजर वीजा' के संशोधित नियमों के तहत विदेशी बिजनेसमैन के लिए काफी सख्त शर्तें लागू की गई हैं। इसके तहत, व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक न्यूनतम पूंजी की सीमा को 50 लाख येन (लगभग 30 लाख रुपये) से बढ़ाकर 3 करोड़ येन (लगभग 2 करोड़ रुपये) कर दिया गया है। इस बदलाव से छोटे व्यवसायियों के लिए जापान में एंट्री करना अब और भी मुश्किल हो गया है।
आवेदकों के लिए अब कम-से-कम एक स्थानीय व्यक्ति को पूर्णकालिक कर्मचारी के तौर पर नियुक्त करना अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि पहले ऐसी नियुक्ति हमेशा अनिवार्य नहीं होती थी। इसके अलावा, इस सिस्टम में अब जापानी भाषा में अच्छी पकड़ (आमतौर पर JLPT N2 लेवल तक) की अपेक्षा भी रखी गई है। नए नियमों की वजह से कई विदेशी कारोबारी परेशानी में पड़ गए हैं।