SpaceX IPO: Elon Musk की स्पेस कंपनी होगी लिस्ट, Saudi Aramco से ढाई गुना बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी

SpaceX IPO: दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) की स्पेसएक्स आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी है। यह आईपीओ अभी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के रिकॉर्ड आईपीओ से भी ढाई गुना बड़ा होगा। चेक करें इस आईपीओ से जु़डी पूरी डिटेल्स तो इसकी खास बातें और चिंताएं क्या हैं

अपडेटेड May 17, 2026 पर 7:56 AM
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SpaceX IPO: स्पेस कंपनी स्पेसएक्स की नजर $1.75-$2 ट्रिलियन यानी लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर $7500 करोड़ यानी ₹7.2 लाख करोड़ का आईपीओ लाने की है। आईपीओ की सफलता के बाद यह 2019 में आए सऊदी अरामको के रिकॉर्ड करीब $2940 करोड़ (₹2.82 लाख करोड़) के आईपीओ से करीब ढाई गुना बड़ा होगा।

SpaceX IPO: दिग्गज स्पेस कंपनी स्पेसएक्स आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) की योजना इसे अमेरिकी स्टॉक मार्केट के इंडेक्स नास्डाक (Nasdaq) पर 12 जून को लिस्ट कराने की है। The Kobeissi Letter के X (पूर्व नाम (Twitter) पर एक ट्वीट के मुताबिक स्पेस कंपनी की नजर $1.75-$2 ट्रिलियन यानी लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर $7500 करोड़ यानी ₹7.2 लाख करोड़ का आईपीओ लाने की है। आईपीओ की सफलता के बाद यह 2019 में आए सऊदी अरामको के रिकॉर्ड करीब $2940 करोड़ (₹2.82 लाख करोड़) के आईपीओ से करीब ढाई गुना बड़ा होगा।

कब लॉन्च होगा SpaceX IPO?


अमेरिकी बाजार नियामक एसईसी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन) का रिव्यू प्रोसेस उम्मीद से जल्द पूरा होने के बाद स्पेसएक्स ने आईपीओ पर काम तेज कर दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक अब कंपनी अपना एस-1 प्रॉस्पेक्टस 21 मई को जारी कर सकती है, 4 जून को इंवेस्टर रोडशो शुरू हो सकता है, 11 जून को शेयरों की कीमत तय हो सकता है और 12 जून को नास्डाक पर ट्रेडिंग शुरू हो सकती है। इस आईपीओ का काम मॉर्गन स्टैनले, गोल्डमैन, जेपीमॉर्गन चेज, बैंक ऑफ अमेरिका और सिटीग्रुप समेत 21 बैंक देख रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 30% शेयर खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हो सकते हैं, जो सामान्य बड़े आईपीओ की तुलना में काफी अधिक है।

खास बातें और चिंताएं

स्पेसएक्स के आईपीओ के साइज ने मार्केट को चौंका दिया है क्योंकि यह $1.75-$2 ट्रिलियन का वैल्यूएशन तलाश रही है जबकि इसका सालाना रेवेन्यू करीब $1550 करोड़ ही है। इस वैल्यूएशन का बड़ा हिस्सा केवल रॉकेट लॉन्च और स्टारलिंक सैटेलाइट बिजनेस पर आधारित नहीं है, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), ऑर्बिटल इंफ्रा और दूसरे ग्रहों पर विस्तार जैसी लॉन्ग टर्म महत्वाकांक्षाओं पर भी आधारित है। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने गोपनीय फाइलिंग में खुद को ट्रेडिशनल ऐरोस्पेस कंपनी कम दिखाया है, भविष्य की एआई स्पेस इंफ्रा कंपनी के तौर पर अधिक दिखाया है जिसका दायरा चंद्रमा और मंगल पर आधारित इंडस्ट्रीज, ऑर्बिटल डेटा सेंटर्स और स्पेस-पावर्ड एनर्जी सिस्टम तक हो सकती है।

इस आईपीओ को लेकर काफी उत्साह तो है ही लेकिन कॉरपोरेट गवर्नेंस एक्सपर्ट्स और इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के बीच चिंताएं भी पैदा की हैं। रायटर्स के मुताबिक कई बड़े अमेरिकी पेंशन फंड्स ने स्पेसएक्स के गवर्नेंस स्ट्रक्चर पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लिस्टिंग के बाद भी एलॉन मस्क कंपनी पर लगभग बिना रोक-टोक नियंत्रण बनाए रख सकते हैं। फाइलिंग के मुताबिक यह कंट्रोल्ड कंपनी का दर्जा चाहती है, जिससे कानूनी हेडक्वार्टर टेक्सास शिफ्ट होने के बाद वह कुछ स्वतंत्र बोर्ड जरूरतों से बच सकती है। इसके अलावा स्पेसएक्स का लॉन्च और स्टारलिंक बिजनेस मुनाफे वाला और तेजी से बढ़ रहा बिजनेस है लेकिन इसका ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन का बड़ा हिस्सा एआई और मंगल के उपनिवेशीकरण जैसी भविष्य की महत्वाकांक्षा पर आधारित है। कंपनी के xAI डिवीजन ने पिछले साल करोड़ों डॉलर का नुकसान कराया और रेवेन्यू सीमित रहा जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि आईपीओ का कितना हिस्सा वास्तविक कमाई की बजाय भविष्य की उम्मीदों पर आधारित है।

(1 डॉलर=₹95.97)

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