Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदू ऑटो चालक की पीट-पीटकर हत्या, 42 दिनों में यह 13वीं घटना है

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच एक और हिंदू युवक की हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान 28 वर्षीय समीर कुमार दास के रूप में हुई है। रविवार (11 जनवरी) रात को भीड़ ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। इसके साथ ही अब तक बांग्लादेश में 13 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है।

अपडेटेड Jan 13, 2026 पर 8:05 AM
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बांग्लादेश में हिंदू ऑटो चालक की पीट-पीटकर हत्या, 42 दिनों में यह 13वीं घटना है

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच एक और हिंदू युवक की हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान 28 वर्षीय समीर कुमार दास के रूप में हुई है। रविवार (11 जनवरी) रात को भीड़ ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। इसके साथ ही अब तक बांग्लादेश में 13 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। देश में यह हिंसा भारत विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुए उग्र प्रदर्शनों के कारण फैल रही है।

दास फेनी जिले के डागोनभुइयां इलाके में ऑटो रिक्शा चालक के रूप में काम करते थे। पुलिस के अनुसार, हमलावर हमले के बाद वाहन लेकर फरार हो गए। 28 वर्षीय दास का शव बाद में एक उपजिला अस्पताल के पास मिला।

पुलिस ने लूट और हत्या की आशंका जताई


पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह घटना लूट और हत्या का मामला है। जांच जारी है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस के मुताबिक, समीर दागनभुआ के मातुभुइया संघ के रामानंदपुर गांव का रहने वाला था और लंबे समय से बैटरी ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। परिजनों ने बताया कि रविवार रात जब समीर समय पर घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में पुलिस को सूचित किया गया।

बता दें कि बांग्लादेश में बीते 25 दिन में कई हिंदू युवकों की हत्या हो चुकी है। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई थी। मयमसिंह जिले के भालुका इलाके में कट्टरपंथियों की भीड़ ने दीपू की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इसके छह दिन बाद 25 दिसंबर को एक और हिंदू युवक अमृत मंडल की भी हत्या कर दी गई थी।

हिंदुओं खिलाफ बांग्लादेश में बढ़े अत्याचार

गौरतलब है कि करीब 17 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में साल 2024 से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस दौरान इस्लामिक कट्टरपंथ के बढ़ते प्रभाव के कारण हिंदुओं समेत अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले तेज हुए हैं।

धार्मिक भेदभाव के खिलाफ काम करने वाले मानवाधिकार संगठन बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई यूनिटी काउंसिल ने भी देश के अलग-अलग हिस्सों में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है।

संगठन के अनुसार, जैसे-जैसे फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सांप्रदायिक हिंसा लगातार बढ़ रही है। भारत ने भी मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हमले की कड़ी आलोचना की है। वहीं, बांग्लादेश के अंतरिम नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने भारत पर हिंसा के स्तर को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया है।

हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर भारत ने जताई चिंता

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के राज में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर भारत ने पिछले हफ्ते कड़ी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हम अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा बार-बार किए जा रहे हमलों का चिंताजनक सिलसिला देख रहे हैं। इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं से तुरंत और सख्ती से निपटना जरूरी है। इस तरह की अनदेखी से अपराधियों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों के बीच डर और असुरक्षा की भावना गहरी हो जाती है।'

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