Bangladesh: बांग्लादेश में एक और हिंदू की बेहरमी से हत्या, खोकन चंद्र दास ने इलाज के दौरान तोड़ा दम

Bangladesh: हमले के दौरान खोकन दास पास के एक तालाब में कूद गए थे, जिससे वे कुछ समय के लिए बच गए, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर रूप से घायल दास को इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं

अपडेटेड Jan 03, 2026 पर 2:51 PM
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Bangladesh: भयानक हमले में बिजनेसमैन खोकन चंद्र दास की मौत हो गई है।

बांग्लादेश के शरियतपुर में नए साल पर हुए एक भयानक हमले में बिजनेसमैन खोकन चंद्र दास की मौत हो गई है। उन पर पेट्रोल से हमला किया गया था और ढाका में इलाज के दौरान चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश के शरियतपुर ज़िला में 31 दिसंबर को 50 साल के बंगाली हिंदू कारोबारी खोकन दास की हिंसक हमले में मौत हो गई। बताया गया है कि वह एक छोटी दवा की दुकान चलाते थे और घर लौटते समय उन पर भीड़ ने हमला कर दिया। पहले उन्हें चाकू मारा गया, फिर बुरी तरह पीटा गया और बाद में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।

इलाज के दौरान हुई दर्दनाक मौत

हमले के दौरान खोकन दास पास के एक तालाब में कूद गए थे, जिससे वे कुछ समय के लिए बच गए, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर रूप से घायल दास को इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित की पत्नी ने बताया कि मेडिकल दुकान बंद करने के बाद उनके पति पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता यह हमला किसने किया, लेकिन वे इंसाफ चाहती हैं। पत्नी के मुताबिक उनके पति एक सीधे-सादे इंसान थे और उन्होंने कभी किसी का बुरा नहीं किया। यह घटना बांग्लादेश के कानोइर यूनियन के तिलोई गांव में हुई। इसे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर की जा रही हालिया हिंसक घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में हिंदू समुदाय पर यह चौथा ऐसा हमला है, जिसने लोगों में डर और चिंता बढ़ा दी है।


इससे पहले हुई थी दीपू चंद्र दास की हत्या 

इससे पहले भी बांग्लादेश में हिंसा की एक और दर्दनाक घटना सामने आई थी, जहां एक भीड़ ने गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। आरोप है कि उन्हें नंगा किया गया और बाद में उनके शरीर को आग लगा दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इन घटनाओं को लेकर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली हैं। भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई ने इस तरह की हत्याओं को बंगाली हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के एक बड़े सिलसिले का हिस्सा बताया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में पार्टी ने कहा कि खोकन दास की मौत, बांग्लादेश में पहले हुई दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद की घटना है। पार्टी ने इसकी तुलना पश्चिम बंगाल की कुछ पुरानी घटनाओं से भी की, जिनमें मुर्शिदाबाद में 2023 में हरगोबिंद दास और चंदन दास की हत्याएं शामिल हैं। बीजेपी का आरोप है कि पूरे इलाके में बंगाली हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद गंभीर चिंता का विषय है।

बांग्लादेश में लगातार हिंसा है जारी 

दिसंबर 2025 में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। इस घटना के बाद देश में हिंसक प्रदर्शन बढ़ गए हैं और फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों से पहले भारत विरोधी माहौल भी तेज़ होता नजर आ रहा है। हादी की मौत के बाद कुछ ऐसे अख़बारों के दफ्तरों पर हमले हुए, जिन्हें भारत समर्थक माना जाता है। इसके अलावा भारत के राजनयिक मिशनों के आसपास भी हिंसक घटनाएं सामने आईं। बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए भारत को बांग्लादेश के कुछ इलाकों में अपने वीज़ा केंद्र अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लेना पड़ा। इन घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों और बांग्लादेश के चुनावी माहौल को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

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