होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी के बीच कैसे पार कर गया प्रतिबंधित चीनी टैंकर Rich Starry! इसमें क्या भरकर लाया गया?

US Blockade Hormuz: “रिच स्टार्री” एक मीडियम साइज का टैंकर है, जिसमें करीब 2.5 लाख बैरल मेथनॉल भरा हुआ है। यह माल उसने अपने आखिरी पोर्ट UAE के हमरिया से लोड किया था। जहाज पर चाइनीज क्रू मौजूद हैं। आधिकारिक तौर पर, 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) को सुबह 10 बजे (ET) से अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज में अपना 'नेवल ब्लॉकेड' शुरू किया है

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 1:02 PM
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Hormuz में अमेरिकी नाकेबंदी के बीच कैसे पार कर गया प्रतिबंधित चीनी टैंकर Rich Starry!

अमेरिका की तरफ से बैन लगाए जाने के बावजूद चीन का एक तेल टैंकर मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर गया। शिपिंग डेटा से यह जानकारी सामने आई है। “रिच स्टार्री” नाम का यह टैंकर इस बात के लिए चर्चाओं में है, क्योंकि अमेरिका के ब्लॉकेड शुरू होने के बाद यह पहला जहाज है, जो इस रास्ते से गुजरकर खाड़ी से बाहर निकला है। यह जानकारी LSEG, MarineTraffic और Kpler जैसे ट्रैकिंग डेटा से मिली है।

न्यूज एजेंसी Reuters के मुताबिक, इस टैंकर और इसकी मालिक कंपनी शंघाई शुआनरुन शिपिंग कंपनी पर अमेरिका पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है, क्योंकि इन पर ईरान के साथ व्यापार करने का आरोप है। फिलहाल कंपनी की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

“रिच स्टार्री” एक मीडियम साइज का टैंकर है, जिसमें करीब 2.5 लाख बैरल मेथनॉल भरा हुआ है। यह माल उसने अपने आखिरी पोर्ट UAE के हमरिया से लोड किया था। जहाज पर चाइनीज क्रू मौजूद हैं।


इसी के साथ, एक और अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहा टैंकर “मुरलीकिशन” भी मंगलवार को उसी रास्ते की ओर बढ़ता दिखा। यह फिलहाल खाली है और 16 अप्रैल को इराक से फ्यूल ऑयल लोड करने की उम्मीद है। इस जहाज को पहले “MKA” के नाम से जाना जाता था और यह पहले रूस और ईरान का तेल भी ढो चुका है।

US ने कब और क्यों ब्लॉक किया होर्मुज?

आधिकारिक तौर पर, 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) को सुबह 10 बजे (ET) से अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज में अपना 'नेवल ब्लॉकेड' शुरू किया है।

दरअसल, 28 फरवरी 2026 से जारी युद्ध के बाद ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया था। 8 अप्रैल को हुए अस्थायी युद्धविराम के बाद उम्मीद थी कि रास्ता खुलेगा, लेकिन इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद अमेरिकी नौसेना को इसे ब्लॉक करने और नियंत्रण में लेने का आदेश दिया।

अमेरिका की इस कार्रवाई के पीछे तीन मुख्य उद्देश्य हैं:

ईरानी पोर्ट्स को रोकना: यह ब्लॉकेड खासतौर से उन जहाजों के लिए है, जो ईरानी बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अमेरिका ईरान के व्यापारिक रास्तों को पूरी तरह काटना चाहता है।

अवैध 'टोल' के खिलाफ: ईरान ने युद्धविराम के बाद गुजरने वाले जहाजों से 1 मिलियन डॉलर (करीब 8.3 करोड़ रुपये) प्रति जहाज "सुरक्षा टोल" वसूलना शुरू किया था। अमेरिका ने इसे 'जबरन वसूली' करार दिया है।

समुद्री माइंस को हटाना: अमेरिका ने घोषणा की है कि वह होर्मुज में ईरान की तरफ से बिछाई गई समुद्री माइंस को हटाएगा, ताकि इंटरनेशनल शिपिंग फिर से शुरू हो सके।

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