पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत-पाकिस्तान तनाव के मद्देनजर शनिवार को कहा कि परमाणु हथियार के विकल्प पर अभी विचार नहीं हो रहा है। आसिफ ने जियो न्यूज से कहा, "फिलहाल परमाणु विकल्प पर विचार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, अगर ऐसी स्थिति आती है तो 'नजर रखने वालों' पर भी इसका असर पड़ेगा।" भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष बढ़ गया है। भारत, पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल अटैक्स का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है।
ऐसी खबर थी कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण (National Command Authority) की बैठक बुलाई है। यह अथॉरिटी नागरिक और सैन्य अधिकारियों का शीर्ष निकाय है, जो देश के परमाणु शस्त्रागार सहित सुरक्षा से जुड़े फैसले लेता है। आसिफ ने कहा कि एनसीए की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है।
परमाणु हमले पर आसिफ का कहना है, "मैं दुनिया को बता रहा हूं कि यह केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, यह बहुत व्यापक हो सकता है... यह विनाश है। भारत की ओर से उत्पन्न की जा रही स्थिति को देखते हुए हमारे विकल्प कम होते जा रहे हैं।" परमाणु हथियार संपन्न भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर 6-7 मई की रात को सटीक हमले किए।
इसके बाद पाकिस्तान ने 7 मई की रात में 12 बजे से पहले और 12 बजे के बाद और 8-9 मई की रात को जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक भारत में कई स्थानों को निशाना बनाकर ड्रोन हमलों की एक नई लहर शुरू की। लेकिन इन हमलों को भारतीय सेना ने विफल कर दिया। इसके बाद 9-10 मई की रात को भी पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी और ड्रोन-मिसाइल अटैक जारी रहे और भारत इन्हें नाकाम करता रहा। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान की कार्रवाई के जवाब में केवल चिह्नित सैन्य लक्ष्यों पर सटीक हमले किए।
पाकिस्तान ने पंजाब में उच्च गति की मिसाइल दागीं। श्रीनगर, अवंतीपुरा और उधमपुर में चिकित्सा सुविधा केंद्रों पर हमला किया। कर्नल सोफिया कुरैशी ने विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘‘ऐसा देखा गया है कि पाकिस्तानी सेना अपने सैनिकों को सीमावर्ती क्षेत्रों में भेज रही है।’’