Iran Attack on Saudi: सऊदी अरब के रियाद में अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार (3 मार्च) को ईरान ने ड्रोन से अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। 'रॉयटर्स' के मुताबिक रियाद में ईरानी हमले के बाद एम्बेसी कंपाउंड में आग लग गई। इस दौरान धमाके की तेज आवाज सुनी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास को ईरान ने 2 ड्रोन ने निशाना बनाया है। हमले के तुरंत बाद भीषण धमाके की वजह से आग लग गई। बिल्डिंग को मामूली नुकसान हुआ है।
रॉयटर्स ने बताया कि स्थानीय लोगों ने रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर के ऊपर काला धुआं उठते देखा। वहां ज्यादातर विदेशी मिशन मौजूद हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "US एम्बेसी पर दो ड्रोन से हमला किया गया। इससे थोड़ी आग लगी और बिल्डिंग को मामूली नुकसान हुआ।"
सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने जेद्दा, रियाद और धाहरान के लिए शेल्टर इन प्लेस नोटिफिकेशन जारी किया है। एक एडवाइजरी में कहा कि वह इस इलाके में किसी भी मिलिट्री इंस्टॉलेशन के लिए गैर-जरूरी यात्रा को सीमित कर रहा है।
अमेरिकी अखबार 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने स्टेट डिपार्टमेंट के हवाले से बताया कि दूतावास पर दो UAV से हमला हुआ जो छत और चांसरी के घेरे से टकराए। वहीं, अमेरिकी चैनल CNN ने कंफर्म किया है कि वे ईरानी ड्रोन थे। CNN ने जिन सोर्स का जिक्र किया, उनमें से एक ने कहा कि इस हमले में किसी के घायल होने की तुरंत कोई खबर नहीं है।
कुवैत में भी अमेरिकी दूतावास पर हमला
इससे पहले सोमवार को ईरान ने कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ। ईरान के हमले के बाद कुवैत में अमेरिकी दूतावास परिसर में आग और धुआं देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुवैत के उस इलाके में धुआं देखा जा रहा है जहां अमेरिकी दूतावास स्थित है। अमेरिकियों से उस इलाके से दूर रहने का आग्रह किया जा रहा है।
सऊदी के तेल रिफायनरी को बनाया निशाना
इसके अलावा सोमवार (2 मार्च) को सऊदी अरामको की एक बड़ी तेल रिफाइनरी रास तानूरा पर ड्रोन हमला हुआ। ईरान ने शाहेद-136 ड्रोन से इस रिफाइनरी को निशाना बनाया। यह दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक है। साथ ही सऊदी अरब के खाड़ी तट पर एक अहम एक्सपोर्ट टर्मिनल है।
इस हमले से आग लग गई, जिस पर जल्दी काबू पा लिया गया। हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ। सावधानी के तौर पर 'सऊदी अरामको' ने रिफाइनरी का ऑपरेशन बंद कर दिया है। यह ईरान की तरफ से US-इजरायली हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई है। अमेरिका और इजरायली हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद तेहरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइल हमला तेज कर दिया है।
पीएम मोदी ने की सऊदी किंग से बात
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत की। इस दौरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान हुए हमलों की निंदा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों पर हुए हालिया हमले उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करते हैं।
पीएम मोदी ने सऊदी अरब के युवराज से उनके देश में रहने वाले भारतीय समुदाय के कुशलक्षेम के बारे में भी बात की। फोन पर बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की जल्द से जल्द बहाल होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह बातचीत अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद हुई। इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई।
इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और सऊदी अरब सहित कई अन्य पश्चिम एशियाई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों की ओर कई मिसाइलें दागीं। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से बात की थी।