Shamim Mafi: लॉस एंजेलिस के वुडलैंड हिल्स में रहने वाली 44 साल की ईरानी महिला कारोबारी शमीम माफी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने लॉस एंजेलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उसे अरेस्ट किया। शमीम पर आरोप है कि वह एक तरफ सोशल मीडिया पर अपनी आलिशान जिंदगी की नुमाइश कर रही थी, तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे ईरान सरकार के लिए हथियारों की तस्करी और खतरनाक डील्स को अंजाम दे रही थी।
शमीम माफी को सोमवार दोपहर लॉस एंजेलिस की अदालत में पहली सुनवाई के लिए पेश किया जाएगा। अमेरिकी अटॉर्नी बिल एसायली ने सोशल मीडिया 'X' पर इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा मामला बताया है।
शमीम माफी को शनिवार रात उस वक्त पकड़ा गया जब वह कहीं जाने की तैयारी में थी। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार, शमीम पर ईरान में बने ड्रोन, बम, फ्यूज और लाखों राउंड गोला-बारूद की तस्करी का आरोप है। उन पर अमेरिकी कानून (50 U.S.C. 1705) के तहत विदेशी लेनदेन और प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। अगर दोष सिद्ध होता है, तो उन्हें 20 साल तक की जेल हो सकती है।
लग्जरी लाइफ के पीछे का 'डार्क' बिजनेस
शमीम माफी 2013 में ईरान छोड़कर अमेरिका आई थी और 2016 में वहां की परमानेंट रेजिडेंट बन गई थी। इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर वह अपनी महंगी मर्सिडीज-बेंज रोडस्टर और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की तस्वीरें साझा करती थी। उसकी लाइफस्टाइल देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था कि वह अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर हो सकती है। जांचकर्ताओं का कहना है कि उसने ओमान में रजिस्टर्ड अपनी कंपनी 'एटलस इंटरनेशनल बिजनेस' का इस्तेमाल इन गुप्त सौदों के लिए किया।
सूडान को $70 मिलियन के 'कातिल ड्रोन' की सप्लाई
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, शमीम ने सूडान के रक्षा मंत्रालय के साथ करोड़ों डॉलर के सौदे किए। उसने ईरान के रक्षा मंत्रालय द्वारा बनाए गए 'मोहाजेर-6' (Mohajer-6) हथियारों से लैस ड्रोन बेचने के लिए 70 मिलियन डॉलर यानी करीब 580 करोड़ रुपये से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट कराया। ये हथियार सूडान भेजे गए, जहां 2023 से भीषण गृहयुद्ध चल रहा है। इसके अलावा हजारों बम फ्यूज और गोला-बारूद भी सप्लाई किए गए।
ईरानी खुफिया एजेंसी से सीधे संपर्क का दावा
अमेरिकी अभियोजकों ने शमीम के फोन रिकॉर्ड्स के हवाले से बड़ा दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2022 से जून 2025 के बीच शमीम सीधे तौर पर ईरान के खुफिया और सुरक्षा मंत्रालय के संपर्क में थी। इन सौदों के लिए उसके पास कोई कानूनी अनुमति या लाइसेंस नहीं था।