ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर किया ड्रोन हमला, जहाज की जब्ती को बताया 'समुद्री डकैती'; होर्मुज में छिड़ा महासंग्राम!

Iran Drone Strikes US Vessels: ईरान की समाचार एजेंसी 'तस्नीम' के अनुसार, जहाज की जब्ती के कुछ ही घंटों बाद ईरानी सेना ने अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाकर ड्रोन लॉन्च किए। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं इस 'सशस्त्र डकैती' का जल्द ही और भी कड़ा जवाब देंगी

अपडेटेड Apr 20, 2026 पर 8:44 AM
ताजा ड्रोन हमलों और जहाज की जब्ती ने क्षेत्र में शांति की रही-सही उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है

Iran Drone Strikes: ईरान और अमेरिका के बीच ओमान की खाड़ी और अरब सागर में तनाव अब सीधे टकराव में बदल गया है। अमेरिका ने ईरान के मालवाहक जहाज 'M/V Touska' को जबरन जब्त कर लिया, जिस पर ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को 'समुद्री डकैती' करार दिया है।

बीच समंदर में चल रहा हाई वोल्टेज ड्रामा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरानी ध्वज वाले जहाज 'तौस्का' (Touska) को हिरासत में ले लिया है। अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Spruance (DDG-111) ने अरब सागर में इस जहाज को इंटरसेप्ट किया। जब 6 घंटे की चेतावनी के बाद भी जहाज नहीं रुका, तो अमेरिकी नौसेना ने उसके नेविगेशन सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया। अमेरिकी मरीन कमांडोज ने हेलिकॉप्टर के जरिए जहाज के डेक पर उतरकर पूरे चालक दल और जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया।


ईरान का पलटवार

ईरान की समाचार एजेंसी 'तस्नीम' के अनुसार, जहाज की जब्ती के कुछ ही घंटों बाद ईरानी सेना ने अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाकर ड्रोन लॉन्च किए। ईरान के 'खातम अल-अंबिया' मुख्यालय ने कहा कि यह अमेरिका द्वारा किया गया एक 'आक्रामक कृत्य' है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं इस 'सशस्त्र डकैती' का जल्द ही और भी कड़ा जवाब देंगी। ईरान ने अमेरिका पर मौजूदा युद्धविराम की शर्तों को तोड़ने का आरोप लगाया है।

'उन्होंने हमारी बात नहीं मानी'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस कार्रवाई की पुष्टि की। ट्रंप ने कहा, 'ईरानी क्रू ने हमारी चेतावनी सुनने से इनकार कर दिया था, इसलिए हमारी नौसेना ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। अब वह जहाज पूरी तरह से हमारे कब्जे में है।' अमेरिका का दावा है कि यह जहाज उनकी नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़कर ईरानी बंदरगाह 'बंदर अब्बास' की ओर बढ़ रहा था।

क्या टूटेगा सीजफायर?

ताजा ड्रोन हमलों और जहाज की जब्ती ने क्षेत्र में शांति की रही-सही उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास दोनों देशों की नौसेनाएं आमने-सामने हैं। जहां वाशिंगटन इसे नाकेबंदी लागू करना कह रहा है, वहीं तेहरान इसे सीधा हमला मान रहा है। दोनों देशों के बीच आज दूसरे दौर की शांति वार्ता होनी है। अब देखना ये है कि इस बार कोई समाधान निकल पाता है या पहले दौर जैसी बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो जाती है।

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