US-Iran Talks in Pakistan: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (19 अप्रैल) को कहा कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार (20 अप्रैल) को ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे। इस्लामाबाद को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस बीच, ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर तेहरान अमेरिका द्वारा प्रस्तावित समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो वह ईरान में नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देंगे। ट्रंप की यह घोषणा अमेरिका और ईरान के बीच 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई प्रत्यक्ष वार्ता के एक सप्ताह बाद आई है। इसका उद्देश्य संघर्ष को समाप्त करना था। लेकिन इस वार्ता में कोई समझौता नहीं हो सका।
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, "मेरे प्रतिनिधि कल शाम को वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने 'फॉक्स न्यूज' से कहा, "जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ पश्चिम एशिया की ओर रवाना हो रहे हैं। उनकी बैठक मंगलवार सुबह शुरू होगी। यह एक बहुत ही सरल समझौता है, वे इसके अधिकांश बिंदुओं पर सहमत हो गए हैं।" सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस्लामाबाद में व्यापक सुरक्षा प्रोटोकॉल और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
22 अप्रैल को समाप्त होगी सीजफायर की डेडलाइन
अमेरिका और ईरान के बीच आठ अप्रैल को हुए दो सप्ताह के संघर्षविराम समझौते की अवधि 22 अप्रैल को समाप्त होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य वार्ता के पहले दौर के दौरान प्रमुख विवादों में से एक था। शनिवार को इसे लेकर जारी गतिरोध तब और बढ़ गया, जब ईरान ने संकरे जलमार्ग को पार करने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी की। जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी।
रविवार को ट्रंप ने कहा, "ईरान की 'किलिंग मशीन' का अंत करने का समय आ गया है।" ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईरान अमेरिका द्वारा प्रस्तावित समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो वह ईरान के नागरिक ढांचे को नष्ट कर देंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हम एक बहुत ही उचित और तर्कसंगत प्रस्ताव दे रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार करेंगे, क्योंकि, अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो अमेरिका ईरान के हर एक बिजली प्लांट और हर पुल को ध्वस्त कर देगा।"
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की बातचीत को लेकर पाकिस्तान ने विदेशी प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम शुरू कर दिए हैं। पाकिस्तान ने इसके बाद कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। ताकि इस्लामाबाद में एक और दौर की बातचीत कराकर युद्ध समाप्त करने के लिए अंतिम समझौता किया जा सके। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 15 अप्रैल से सऊदी अरब, कतर और तुर्किये का दौरा किया। जबकि सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने विवादित मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए ईरान में तीन दिन बिताए।
वार्ता की तारीख को लेकर हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन इस्लामाबाद और रावलपिंडी में प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा उपायों से संकेत मिलता है कि जल्द ही एक बड़ा आयोजन होने की संभावना है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह असाधारण सुरक्षा व्यवस्था विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के कारण की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, रावलपिंडी में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और 600 से अधिक चौकियां बनाई गई हैं।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष अब्बास अराघची के साथ निरंतर संवाद और संपर्क की आवश्यकता पर चर्चा की। विदेश कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, डार ने अराघची से टेलीफोन पर बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव व मतभेदों को सुलझाने के लिए पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। डार पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री भी हैं।