परमाणु बम से भी घातक! जानिए ईरान के उस 'सीक्रेट हथियार' के बारे में जिससे थर-थर कांप रहा है पूरा अमेरिका

Iran Strait of Hormuz US Intelligence Report: रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने आगाह किया है कि ईरान के पास अब इतनी ताकत आ चुकी है कि वह जब चाहे, अपनी मर्जी से दुनिया की लाइफलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर सकता है

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 11:22 AM
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ईरान ने अब परमाणु बम से भी ज्यादा शक्तिशाली हथियार हासिल कर लिया है

US Intelligence Report on Iran: मिडिल ईस्ट में महीनों से चल रही जंग और अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम के बाद एक ऐसी सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है, जिसने महाशक्ति अमेरिका के होश उड़ा दिए हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक ताजा असेसमेंट रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ईरान ने अब परमाणु बम से भी ज्यादा शक्तिशाली हथियार हासिल कर लिया है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने आगाह किया है कि ईरान के पास अब इतनी ताकत आ चुकी है कि वह जब चाहे, अपनी मर्जी से दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन यानी होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाशिंगटन के साथ होने वाले आगामी शांति समझौते के बावजूद, वैश्विक अर्थव्यवस्था को घुटनों पर लाने की ईरान की क्षमता पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

परमाणु बम से भी घातक कैसे बना 'होर्मुज जलडमरूमध्य'?


अमेरिका और ईरान के बीच आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में एक औपचारिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। लेकिन इस समझौते से ठीक पहले आई इस खुफिया रिपोर्ट ने पेंटागन की नींद उड़ा दी है।

जंग के दौरान खाड़ी देशों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल ठिकानों पर हमला करके ईरान ने अमेरिका की सबसे कमजोर नस को पकड़ लिया है। अमेरिकी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, 'हमने अब अनजाने में ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य का वास्तविक नियंत्रण सौंप दिया है। यह एक ऐसा हथियार है जो किसी भी परमाणु बम से कहीं ज्यादा शक्तिशाली है'।

ईरान ने तबाह कर दिए थे अमेरिका के बड़े ठिकाने

यह पूरी तबाही तब शुरू हुई जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत रुकने के बाद, बीती 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर सैन्य हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद वाशिंगटन से जुड़े बड़े ऊर्जा केंद्रों पर मिसाइलों की अंधाधुंध बौछार कर दी।

ईरान ने कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब को निशाना बनाया, जिससे इन देशों की ऊर्जा उत्पादन क्षमता का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ठप हो गया।

दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्रोडक्शन कॉम्प्लेक्स यानी कतर के 'रास लफ्फान' (Ras Laffan) को ईरानी हमले में भारी नुकसान पहुंचा, जिससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट हिल गया।

इसी दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था, जहां से दुनिया का लगभग एक-पांचवां तेल और गैस का व्यापार होता है। इसके बंद होने से पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया था।

कब खुलेगा होर्मुज का रास्ता?

रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर भरोसा जताया था कि शांति समझौता फाइनल होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा था, 'यह महत्वपूर्ण जलमार्ग बिना किसी टैक्स के खुलेगा और यह अगले 60 दिनों से भी आगे के लिए टोल-फ्री रहने वाला है'। उन्होंने दावा किया था कि जब यह स्थायी रूप से खुलेगा, तो पूरी तरह फ्री रहेगा।

फिलहाल, अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं जो युद्धविराम को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाएगा और भविष्य की बातचीत के रास्ते खोलेगा। हालांकि, इस पूरे विवाद में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को दोबारा खोलना ही अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा टकराव का मुद्दा बना हुआ है।

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