Israel-US Iran War: अमेरिकी हमलों में ईरान का गार्ड्स हेडक्वार्टर तबाह, ट्रंप ने बताया अभी कितने दिन चलेगा युद्ध

Israel-US Iran War: अमेरिकी मिलिट्री ने दावा किया है कि उसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हेडक्वार्टर को एक बड़े हमले में तबाह कर दिया गया है। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि IRGC पिछले 47 सालों में 1,000 से ज्यादा अमेरिकियों की मौत के लिए जिम्मेदार रहा है।

अपडेटेड Mar 02, 2026 पर 9:04 AM
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Israel-US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है ईरान से युद्ध 4-5 सप्ताह चल सकता है

Israel-US Iran War: अमेरिकी मिलिट्री ने रविवार (1 मार्च) रात को बताया कि उसने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हेडक्वार्टर को तबाह कर दिया है। यह हमला ईरानी सरकार को गिराने के मकसद से किया गया था। एक बयान में US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा, "अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर मिलिट्री है। IRGC का अब कोई हेडक्वार्टर नहीं है।" US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि IRGC पिछले 47 सालों में 1,000 से ज्यादा अमेरिकियों की मौत के लिए जिम्मेदार रहा है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह जंग एक महीने तक चल सकती है। उन्होंने 'डेली मेल' को बताया कि ईरान से युद्ध 4-5 हफ्ते चल सकता है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने इस युद्ध को एक बड़े और मजबूत दुश्मन के खिलाफ एक टाइम-बाउंड लेकिन मुश्किल ऑपरेशन बताया।साथ ही यह भी इशारा किया कि बढ़ते तनाव के बावजूद तेहरान के साथ डिप्लोमैटिक चैनल नाम के लिए खुले हैं।

ब्रिटिश अखबार के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत लड़ाई के ऑपरेशन पूरी ताकत से चल रहे हैं। इन बातों से पता चलता है कि वॉशिंगटन एक लगातार मिलिट्री कैंपेन की तैयारी कर रहा है। जबकि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है।


प ने इस लड़ाई को एक बड़े दुश्मन के खिलाफ एक मुश्किल लेकिन समय-सीमित ऑपरेशन बताया। उन्होंने कहा कि यह कैंपेन लगभग चार हफ्ते तक चलने की उम्मीद है। हालांकि यह जल्दी खत्म भी हो सकता है। ट्रंप ने अखबार को बताया कि वह ईरानियों के साथ और बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या ऐसा कब होगा।

ईरान पर हमले को जस्टिफाई करने करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम यह बड़ा ऑपरेशन सिर्फ़ अपनी सुरक्षा पक्की करने के लिए नहीं, बल्कि अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए भी कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि ये काम इसलिए ज़रूरी हैं ताकि अमेरिकियों को कभी भी न्यूक्लियर हथियारों और धमकियों से लैस कट्टर, खूनी आतंकवादी सरकार का सामना न करना पड़े।

अमेरिकी-इजरायल का जॉइंट कैंपेन शनिवार को उन हमलों के साथ शुरू हुआ जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई। तेहरान ने पूरे मिडिल ईस्ट में मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाब दिया है। ईरान के हमलों में सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन, ओमान और इज़रायल में धमाके होने की खबर है।

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बमबारी के बावजूद ईरान ने सार्वजनिक तौर पर अपना रुख अड़ा रखा है। हालांकि, ट्रंप ने बताया कि ईरान की बची हुई लीडरशिप बात करना चाहती है। हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई डिटेल्स नहीं बताईं। इस बीच, अमेरिका ने ईरान पर किए गए हमले का नया वीडियो जारी किया है।

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