Iran Missile Attack: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। बुधवार तड़के ईरान ने कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी 'कतरएनर्जी' द्वारा लीज पर लिए गए एक तेल टैंकर 'Aqua 1' को क्रूज मिसाइल से निशाना बनाया। कतर के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि की है।
कतर की सीमा में हुए तीन मिसाइल हमले
कतर के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हमला पूरी तरह सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया। ईरान की ओर से कतर के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में तीन क्रूज मिसाइलें दागी गईं। कतर की सेना ने अपनी रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए दो मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन तीसरी मिसाइल सीधे तेल टैंकर से जा टकराई। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी (UKMTO) के अनुसार, टैंकर के 'पोर्ट साइड' पर पानी की सतह से ऊपर जोरदार प्रहार हुआ, जिससे उसके हल (Hull) को नुकसान पहुंचा है।
हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कतरएनर्जी ने पुष्टि की है कि टैंकर पर सवार सभी 21 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई है। उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस हमले से समुद्र में तेल का रिसाव नहीं हुआ है और पर्यावरण पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ा है।
क्यों बढ़ रहा है खाड़ी देशों पर हमला?
पिछले एक महीने से खाड़ी के देश ईरान के निशाने पर हैं। दरअसल फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में ईरान अब खाड़ी देशों के तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। ईरान ने पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। अब वह समुद्र में मौजूद जहाजों पर सीधे हमले कर व्यापारिक मार्गों को और असुरक्षित बना रहा है।