Marco Rubio: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब अपने निर्णायक दौर में पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने में उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ईरान के खिलाफ जारी 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' जल्द ही अपने अंजाम तक पहुंचने वाला है।
मार्को रुबियो ने ऑपरेशन की प्रगति पर संतोष जताते हुए इसे आधुनिक समय का सबसे कुशल सैन्य अभियान बताया। रुबियो ने कहा, 'हम अपने हर लक्ष्य पर तय समय से आगे चल रहे हैं। अब हमें फिनिश लाइन साफ दिखाई दे रही है।' उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन इतिहास में अपनी बेहतरीन 'टैक्टिकल' कुशलता के लिए याद किया जाएगा।
इसके साथ रुबियो ने उन खबरों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका के लक्ष्य स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि मुख्य उद्देश्य ईरान की वायुसेना, नौसेना, मिसाइल फैक्ट्रियों और लॉन्चर्स को पूरी तरह तबाह करना था, जिसमें बड़ी सफलता मिली है।
ईरान को बताया 'दूसरा उत्तर कोरिया'
रुबियो ने इस युद्ध को अमेरिका की सुरक्षा के लिए अनिवार्य कदम बताया। उन्होंने ईरान की तुलना उत्तर कोरिया से की। रुबियो ने कहा, 'ईरान अगला उत्तर कोरिया बनने की राह पर था, जिसके पास ऐसी मिसाइलें होतीं जो अमेरिका तक पहुंच सकती थीं। अगर राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कदम न उठाया होता, तो वे इसमें सफल हो जाते।'
उन्होंने ईरान की मौजूदा हालत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश अब 'खंडहर' में तब्दील हो चुका है क्योंकि वहां के शासन ने जनता का पैसा विकास के बजाय आतंकवाद और मिसाइलों पर खर्च किया।
'बातचीत के नाम पर देरी बर्दाश्त नहीं'
युद्ध को टालने की आलोचनाओं पर जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि कूटनीति के सारे रास्ते आजमाए जा चुके थे। 'राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा युद्ध के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन वे ईरान को बातचीत के बहाने वक्त बर्बाद करने की इजाजत नहीं देंगे।' रुबियो ने सख्त लहजे में कहा कि ईरान के पास 60% संवर्धित यूरेनियम रखने का कोई कारण नहीं है। इसका एकमात्र मकसद परमाणु बम बनाना है और उन्हें इसे छोड़ना ही होगा।
होर्मुज और NATO पर कड़ा संदेश
रुबियो ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सैन्य गठबंधनों को लेकर भी अमेरिका का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है। वहां व्यावसायिक जहाजों का रास्ता रोकना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का खुला उल्लंघन है।वहीं रुबियो ने कहा कि अगर NATO गठबंधन के कारण अमेरिका अपने यूरोपीय सैन्य अड्डों का इस्तेमाल अपने हितों की रक्षा के लिए नहीं कर सकता, तो यह गठबंधन केवल 'एकतरफा रास्ता' बनकर रह जाएगा।