अमेरिकी जहाजों को समंदर में ही कर देंगे स्वाहा! ट्रंप के नए ब्लॉकेड प्लान से भड़का तेहरान; दे दी सीधी चेतावनी

Iran Warning To US: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब ईरान पर 'लगातार आर्थिक दबाव' बनाने के लिए नई रणनीति अपना रहा है। ट्रंप ने अपने सहयोगियों से ईरान की तेल निर्यात और बंदरगाहों तक पहुंचने वाले समुद्री यातायात को पूरी तरह सीमित करने के लिए नाकाबंदी की तैयारी करने को कहा है। यही वजह है की ईरान बौखलाया हुआ है

अपडेटेड Apr 29, 2026 पर 9:14 AM
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IRGC ने कहा कि अगर अमेरिका ने फिर से गलत अनुमान लगाया, तो हम उनके विशाल जहाजों को समंदर में ही स्वाहा कर देंगे

Iran Warns US Navy: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को अब तक की सबसे सख्त चेतावनी दी है। IRGC ने कहा है कि अगर वाशिंगटन ने कोई भी नई सैन्य हिमाकत की, तो अमेरिकी नौसेना के विशाल जहाजों को समंदर के बीच ही 'जलाकर' खाक कर दिया जाएगा। ईरान की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप ईरान की आर्थिक घेराबंदी के लिए एक बड़े 'समुद्री नाकाबंदी' की तैयारी कर रहे हैं।

'सरप्राइज' के लिए रहे तैयार

IRGC ने साफ कर दिया है कि उनके पास अमेरिका को जवाब देने के लिए नई रणनीतियां और हथियार मौजूद हैं। IRGC ने कहा कि अगर अमेरिका ने फिर से गलत अनुमान लगाया, तो हम उनके विशाल जहाजों को समंदर में ही स्वाहा कर देंगे। तेहरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी आक्रामकता की स्थिति में वे पूरे 'रेसिस्टेंस फ्रंट' को सक्रिय कर देंगे। ईरान के अनुसार, उनका जवाबी हमला 'सरप्राइज' और नई सैन्य क्षमताओं से भरा होगा।


ट्रंप कर रहे ईरान को आर्थिक फ्रंट पर तोड़ने की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब ईरान पर 'लगातार आर्थिक दबाव' बनाने के लिए नई रणनीति अपना रहा है। ट्रंप ने अपने सहयोगियों से ईरान की तेल निर्यात और बंदरगाहों तक पहुंचने वाले समुद्री यातायात को पूरी तरह सीमित करने के लिए नाकाबंदी की तैयारी करने को कहा है। ट्रंप इसे बमबारी के मुकाबले कम जोखिम वाला लेकिन ज्यादा प्रभावी तरीका मान रहे हैं। ट्रंप का दावा है कि ईरान 'तबाह होने स्थिति' में है और वह जल्द से जल्द व्यापार के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को खुलवाना चाहता है।

होर्मुज पर ईरान ने नए प्रस्ताव को ट्रंप ने ठुकराया

ईरान ने शांति के लिए एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसे ट्रंप ने फिलहाल खारिज कर दिया है। दरअसल तेहरान चाहता है कि पश्चिम एशिया में तुरंत सीजफायर हो और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया जाए, जबकि परमाणु और मिसाइल मुद्दों पर बाद में बात हो। वहीं वाशिंगटन का कहना है कि परमाणु मुद्दे पर सबसे पहले बात होनी चाहिए, जिसे टालना नामुमकिन है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने परमाणु हथियार हासिल कर लिए, तो पूरी दुनिया 'बंधक' बन जाएगी।

ईरान की कूटनीति बनाम अरब देशों का विरोध

एक तरफ ईरान दुनिया भर से समर्थन जुटा रहा है, तो दूसरी तरफ खाड़ी देश उसके खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर समर्थन हासिल किया है।

दूसरी तरफ सऊदी अरब के नेतृत्व में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने या समुद्री नेविगेशन को खतरे में डालने वाली ईरान की 'अवैध कार्रवाइयों' को सिरे से खारिज कर दिया है। अरब देशों ने 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' बहाल करने और बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने के लिए सैन्य तालमेल बढ़ाने का आह्वान किया है।

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