अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर हमला बोल दिया है। ये हमला ईरान की राजधानी तेहरान में हुए। वहीं ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के मिलिट्री बेस पर हमले किए। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब पूरी दिया पर दिखने वाले है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने VHF रेडियो के माध्यम से घोषणा की है कि, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने करने जा रहे हैं। ईरान अगर होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर देता है, तो इससे वैश्विक व्यापार बाधित होगा, तेल की कीमतें बढ़ेंगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता पैदा हो सकत है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड का ऐलान
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने VHF रेडियो के माध्यम से घोषणा की है कि किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस घोषणा के बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बंद होने की आशंका बढ़ गई है। तेहरान टाइम्स के मुताबिक, यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव तेजी से बढ़ रहा है और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान के बीच स्थित होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की लगभग 20 से 30 प्रतिशत आपूर्ति इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ी चिंता का कारण बन सकती है।
बता दें कि, होर्मुज स्ट्रेट एक संकरा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) फारस की खाड़ी से कच्चे तेल का परिवहन करने वाले तेल टैंकरों के लिए एकमात्र समुद्री मार्ग के रूप में कार्य करता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण क्रूड ऑयल इम्पोर्ट कॉरिडोर में से एक बन गया है। यह जलमार्ग लगभग 167 किमी लंबा है, जो अपने सबसे संकरे बिंदु पर लगभग 33 किमी तक सिमट जाता है।