ईरान की ओर से कतर पर हुए ताजा हमले ने दुनिया की सबसे बड़ी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट फैसलिटी को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे कतर की सरकारी एनर्जी कंपनी 'कतर एनर्जी' (QatarEnergy) के रेवेन्यू में करीब 20 अरब डॉलर का नुकसान होगा। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी ने एक बयान में कहा कि रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए मिसाइल हमलों से कतर एनर्जी की ट्रेन (यूनिट) 4 और 6 को नुकसान पहुंचा है। इन दोनों की कुल सालाना उत्पादन क्षमता 12.8 मिलियन टन है। यह कतर के सालाना LNG एक्सपोर्ट में करीब 17 प्रतिशत का योगदान देती है। इसकी मरम्मत में 5 साल तक का समय लग सकता है।
पिछले ड्रोन हमले के बाद कतर एनर्जी के इस LNG प्लांट में उत्पादन पहले ही रुक गया था। लेकिन ताजा हमला ज्यादा विनाशकारी रहा। लंबे समय तक प्लांट बंद रहने से खरीदारों को LNG की सप्लाई में लाखों टन की कमी की भरपाई के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, खासकर एशिया में।
रिपोर्ट के मुताबिक, QatarEnergy के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर साद अल-काबी ने बयान में कहा है, "इसका असर चीन, दक्षिण कोरिया, इटली और बेल्जियम पर पड़ेगा। इसका मतलब है कि हमें कुछ लंबी अवधि के LNG कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए 5 साल तक 'फोर्स मेज्योर' (अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण कॉन्ट्रैक्ट की तय शर्तों से छूट) घोषित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"
Shell Plc की 'पर्ल गैस-टू-लिक्विड्स' फैसिलिटी भी बनी निशाना
रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी की ट्रेन 4 और 6, दोनों ही कतर एनर्जी और Exxon Mobil Corp. का जॉइंट वेंचर हैं। ईरान के ताजा हमलों में पास में स्थित 'पर्ल गैस-टू-लिक्विड्स' फैसिलिटी को भी निशाना बनाया गया। इसका संचालन Shell Plc करती है और जो नेचुरल गैस को इंजन ऑयल, पैराफिन और मोम में बदलती है। अल-काबी ने बताया कि वहां हुए नुकसान का अभी भी आकलन किया जा रहा है, और अनुमान है कि यह प्लांट कम से कम एक साल तक बंद रहेगा।
यह घटना इस क्षेत्र में दुश्मनी के बढ़ने का एक और संकेत है। इससे पहले भी हाल ही में तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर हमले किए गए। इससे नेचुरल गैस की कीमतें भी आसमान छूने लगीं। तेल और गैस की कीमतों में यह उछाल मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष से पैदा होने वाले लंबी अवधि की महंगाई के जोखिमों को दिखाता है। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब अपने तीसरे सप्ताह में पहुंच चुकी है। यह 28 फरवरी को शुरू हुई थी।