इजरायल पर ईरान का जबरदस्त हमला! डिमोना में न्यूक्लियर साइट के पास दागे बैलिस्टिक मिसाइल, 100 से अधिक लोग घायल

Israel-US Iran War: ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल ने इजरायल के डिमोना शहर पर जबरदस्त हमला किया है। यहां एक न्यूक्लियर साइट मौजूद है। ईरान ने कहा कि यह उसके अपने परमाणु ठिकाना नतांज पर हुए हमलों का बदला है। डिमोना के मुख्य शहर के ठीक बाहर एक ऐसी जगह है, जिसके बारे में आम तौर पर माना जाता है कि वहां मध्य-पूर्व का एकमात्र परमाणु हथियार भंडार मौजूद है

अपडेटेड Mar 22, 2026 पर 8:06 AM
Story continues below Advertisement
Israel-US Iran War: ईरान ने इजरायल की न्यूक्लियर साइट के पास के कस्बों पर हमला किया है

Israel-US Iran War: शनिवार (21 मार्च) रात को दक्षिणी इजरायली शहर डिमोना के एक रिहायशी इलाके में कई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से कम से कम 100 लोग घायल हो गए। ईरान ने कहा है कि यह हमला उसके अपने परमाणु ठिकाना नतांज पर हुए हमलों का बदला है। डिमोना के मुख्य शहर के ठीक बाहर एक ऐसी जगह है, जिसके बारे में आम तौर पर माना जाता है कि वहां मध्य-पूर्व का एकमात्र परमाणु हथियार भंडार मौजूद है। डिमोना अपने न्यूक्लियर सेंटर के ऊपर बने गुंबद जैसी बनावट के लिए मशहूर है। इसे आम बोलचाल में "लिटिल इंडिया" (Little India) भी कहा जाता है।

रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम को चीरते हुए ईरानी मिसाइल शहर में गिरी। इस दौरान भारी धमाका हुआ। ईरानी मिसाइल के क्लस्टर म्यूनिशन डिमोना के 12 अलग अलग जगहों पर भी गिरे हैं। इजरायल की नेशनल इमरजेंसी मेडिकल सर्विस मैगन डेविड एडोम (MDA) ने बताया कि तीन दर्जन से ज्यादा लोगों को तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत पड़ी।

इस हमले में लोगों को मिसाइल के टुकड़ों से चोटें आई है। वे शेल्टर की ओर भागते समय घायल हुए थे। उन्हें बहुत ज्यादा घबराहट हो रही थी। घायलों में बच्चे भी शामिल थे। इनमें एक 10 साल का लड़का था जिसकी हालत मध्यम है। जबकि एक 12 साल का लड़का था जिसे मिसाइल के टुकड़ों से गंभीर चोटें आई थीं।


बचाव दल के सदस्यों ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि 30 साल के आस-पास की एक महिला को कांच के टुकड़ों से मध्यम चोटें आई। जबकि 31 अन्य लोगों को मिसाइल के टुकड़ों से हल्की चोटें आईं या फिर शेल्टर की ओर भागते समय गिरने से चोट लगी। एक निवासी ने कहा, "ज्यादातर लोग शेल्टर में थे, जिससे उन्हें ज्यादा गंभीर चोटें नहीं आई। उसने आगे बताया कि गंभीर रूप से घायल बच्चों में से एक हमले के दौरान बाहर ही रह गया था।

यह हमला डिमोना को टारगेट करके किया गया था, जो 1958 में स्थापित इजरायल के न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कहा कि वह ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने में हुई नाकामी की जांच कर रही है। इजरायली सेना ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने बैलिस्टिक मिसाइल का सामना किया। लेकिन इंटरसेप्टर उसे गिराने में नाकाम रहे। सेना ने कहा, "इस घटना की जांच की जाएगी।"

IAEA ने की हमले की निंदा 

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने कहा कि उसे साइट को किसी भी तरह के नुकसान या रेडिएशन के असामान्य स्तर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की इस निगरानी संस्था ने पुष्टि की है कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है। उसने अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील की है। इससे पहले ईरान ने हिंद महासागर में स्थित एक संयुक्त ब्रिटिश-अमेरिकी बेस को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान की मुख्य परमाणु साइट पर हमला किया गया। शनिवार को एक हवाई हमले में ईरान की नतांज परमाणु प्लांट को निशाना बनाया गया।

4,000 किलोमीटर दूर तक किया हमला

इसके अलावा, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित संयुक्त अमेरिकी-ब्रिटिश एयरबेस पर हमला किया। ईरान द्वारा लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित डिएगो गार्सिया हवाई अड्डे पर किए गए हमले से यह संकेत मिलता है कि तेहरान के पास ऐसी मिसाइलें हैं जो पहले स्वीकार की गई दूरी से कहीं अधिक दूर तक जा सकती हैं।

इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि आने वाले सप्ताह में ईरान के खिलाफ हमलों में काफी वृद्धि होगी। पश्चिम एशिया में युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बीच काट्ज ने एक वीडियो बयान में कहा, "अगले सप्ताह इजरायल और अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी आतंकवादी शासन तथा उसके आधारभूत ढांचों के खिलाफ किए जाने वाले हमलों की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।"

ये भी पढ़ें- Ravi Gopal Death: 'फोन कटते ही सब बदल गया', रियाद में ईरानी मिसाइल से सीतापुर के युवक की मौत, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

स्थानीय निवासियों ने बताया कि रातभर और सुबह तक ईरान की राजधानी तेहरान में भारी हवाई हमले हुए। वहीं, इराक में बगदाद स्थित खुफिया सेवा मुख्यालय पर एक ड्रोन ने हमला किया, जिसमें एक अधिकारी की मौत हो गई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर रही है। हालांकि, अमेरिका ने उस क्षेत्र में और युद्धपोत तथा मरीन सैनिक तैनात करने की घोषणा भी की है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।