ईरान और अमेरिका के यु्द्ध के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अमेरिकी खुफिया विभाग की एक गुप्त ब्रीफिंग के हवाले से दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई समलैंगिक (Gay) हो सकते हैं। 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के नए नेता मुजतबा खामेनेई की निजी जिंदगी से जुड़ी एक बेहद गोपनीय जानकारी दी है। रिपोर्ट का दावा है कि मुजतबा खामेनेई गे हैं। जब ट्रंप को यह ब्रीफिंग दी गई, तो वे अपनी हंसी नहीं रोक पाए और कई दिनों तक इस पर मजाक करते रहे।
खुफिया विभाग के दावों में क्या है?
अमेरिकी जासूसी एजेंसियों का मानना है कि यह जानकारी कोई अफवाह नहीं बल्कि विश्वसनीय है। रिपोर्ट के अनुसार, 56 साल के मुजतबा के अपने बचपन के ट्यूटर (शिक्षक) के साथ लंबे समय तक यौन संबंध रहे हैं।
28 फरवरी को हुए उस हवाई हमले में, जिसमें मुजतबा के पिता अली खामेनेई की मौत हुई थी, मुजतबा भी घायल हो गए थे। दावा किया गया है कि इलाज के दौरान दवाओं के असर में उन्होंने अपने पुरुष तीमारदारों के साथ 'अजीब' व्यवहार किया था।
एक अधिकारी ने बताया कि यह जानकारी सरकार के "सबसे सुरक्षित और उच्च स्तरीय" सूत्रों से मिली है।
पुराने दस्तावेजों से मिले संकेत
रिपोर्ट में कुछ पुरानी घटनाओं का भी जिक्र है जो इन दावों को बल देती हैं।
2008 के एक अमेरिकी राजनयिक केबल (जो बाद में लीक हो गया था) में बताया गया था कि मुजतबा ने लंदन के अस्पतालों में 'नपुंसकता' का इलाज कराया था।
दस्तावेजों के अनुसार, मुजतबा की शादी लगभग 30 साल की उम्र में काफी देर से हुई थी और उन्हें संतान सुख के लिए भी लंबा इलाज कराना पड़ा था।
ईरान में समलैंगिकता पर है मौत की सजा?
यह खबर इसलिए भी इतनी बड़ी है, क्योंकि ईरान एक कट्टर इस्लामिक देश है जहां समलैंगिकता को 'महापाप' माना जाता है।
ईरान में समलैंगिक संबंधों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान है। वहां अक्सर ऐसे लोगों को सार्वजनिक रूप से क्रेन से लटकाकर फांसी दी जाती है।
2007 में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति ने मशहूर बयान दिया था कि "ईरान में समलैंगिक होते ही नहीं हैं।"
सत्ता संघर्ष और 'पर्सनल लाइफ'
रिपोर्ट कहती है कि मुजतबा के पिता अली खामेनेई भी अपने बेटे की 'निजी जिंदगी' की समस्याओं से वाकिफ थे। यही कारण था कि वे शुरू में मुजतबा को अपना उत्तराधिकारी बनाने में हिचकिचा रहे थे। विरोधियों ने भी मुजतबा को सत्ता से दूर रखने के लिए इन अफवाहों का सहारा लिया था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही मुजतबा खामेनेई को ईरान का नेतृत्व करने के लिए "अस्वीकार्य" और "हल्का खिलाड़ी" बताया है। अमेरिका का मानना है कि मुजतबा अपने पिता की तरह ही कट्टर हैं और वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बंद करने की अमेरिकी मांगों को नहीं मानेंगे।