Iran protests: ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक मंदी को लेकर प्रदर्शनकारियों एवं सुरक्षा बलों के बीच झड़प में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। यह विरोध प्रदर्शन रविवार को राजधानी तेहरान में शुरू हुआ। उस वक्त दुकानदार महंगाई और आर्थिक मंदी को लेकर हड़ताल पर चले गए। तब से विरोध प्रदर्शन ईरान के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया है। स्थानीय मीडिया ने बताया कि लोरडेगन में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच ताजा झड़पों में दो नागरिक मारे गए।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने शहर की प्रशासनिक इमारतों पर पत्थर फेंके। इसमें प्रांतीय गवर्नर का कार्यालय, शहीद फाउंडेशन और टाउन हॉल शामिल हैं। जबकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने बताया कि इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को 'सरगना' करार दिया है। सरकारी मीडिया ने पहले भी पिछले आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों को दंगाई बताया था।
गुरुवार को पश्चिमी शहर कौहदाश्त में विरोध प्रदर्शन के दौरान रात भर में ईरान के सुरक्षा बलों के एक सदस्य के मारे जाने की खबर मिली। लोरेस्टान प्रांत के डिप्टी गवर्नर सईद पौराली के हवाले से एक ईरानी चैनल ने कहा, "कौहदाश्त शहर के बासिज के 21 वर्षीय सदस्य को कल रात दंगाइयों ने सार्वजनिक व्यवस्था की रक्षा करते हुए मार डाला।"
बासिज एक स्वयंसेवी अर्धसैनिक बल है जो ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़ा है। वह इस्लामिक रिपब्लिक की वैचारिक शाखा है। पौराली ने कहा कि कौहदाश्त में प्रदर्शनों के दौरान 13 पुलिस अधिकारी और बासिज सदस्य पत्थरबाजी में घायल हो गए।
एक्टिविस्ट न्यूज साइट HRANA ने बताया कि गुरुवार को दक्षिणी फार्स प्रांत के मरवदश्त में भी विरोध प्रदर्शन हुए। HRANA ने कहा कि बुधवार को पश्चिमी प्रांतों करमानशाह, खुजेस्तान और हमदान में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
ईरान इस वक्त भारी महंगाई से जूझ रहा है। वहां कई दिनों से प्रदर्शन हो रहे हैं। जून में इजरायली और अमेरिकी हवाई हमलों ने ईरान के परमाणु ढांचे और सैन्य नेतृत्व को नुकसान पहुंचाया था। तेहरान ने विरोध प्रदर्शनों का जवाब बातचीत के प्रस्ताव से दिया है। ईरान की नेशनल करेंसी 'रियाल' पिछले एक साल में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी एक तिहाई से अधिक वैल्यू खो चुकी है।
ईरान के स्टैटिस्टिकल सेंटर के अनुसार, दिसंबर में महंगाई दर साल-दर-साल 52% थी। तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था सालों से संघर्ष कर रही है।