US-Iran War: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी की मौत, अमेरिका-इजरायल के हमले में ढेर

US-Iran War updates: ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की सोमवार (6 अप्रैल) को एक हमले में मौत हो गई। इजरायल ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खुफिया प्रमुख की हत्या की जिम्मेदारी ली है

अपडेटेड Apr 06, 2026 पर 3:22 PM
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US-Iran War: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खुफिया प्रमुख इजरायल के हमले में मारे गए

US-Iran War News updates: ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की सोमवार (6 अप्रैल) को एक हमले में मौत हो गई। गार्ड्स ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या कहां हुई। इसी बीच, सोमवार तड़के ईरान की राजधानी के आसपास के रिहायशी इलाकों में कई हवाई हमले किए गए।

इजरायल ने एक बयान जारी कर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खुफिया प्रमुख की हत्या की जिम्मेदारी ली है। इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा, "रिवोल्यूशनरी गार्ड नागरिकों पर गोली चला रहे हैं। हम आतंकवादियों के नेताओं को खत्म कर रहे हैं। ईरान के नेता खतरा महसूस कर रहे हैं। हम उन्हें एक-एक कर खत्म करते रहेंगे।"

काट्ज ने यह भी कहा कि इजरायल ने ईरान के इस्पात और पेट्रोकेमिकल उद्योगों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, "हम ईरान के राष्ट्रीय ढांचे को कुचलते रहेंगे और इस आतंकवादी शासन के पतन का कारण बनेंगे। साथ ही उसकी आतंक फैलाने और इजरायल पर हमले करने की क्षमता को खत्म करेंगे।"


इस बीच, ईरान और अमेरिका को एक मसौदा प्रस्ताव मिला है। इसमें 45 दिन के युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है ताकि युद्ध समाप्त करने का रास्ता निकाला जा सके।

पश्चिम एशिया के दो अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्ताव मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये के मध्यस्थों द्वारा तैयार किया गया है, जो संघर्ष को रोकने के प्रयास में जुटे हैं। उनका मानना है कि 45 दिन की यह अवधि दोनों देशों के बीच व्यापक वार्ता के लिए पर्याप्त समय देगी, जिससे स्थायी युद्धविराम पर सहमति बन सके।

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव रविवार देर रात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पश्चिम एशिया में अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया। लेकिन अब तक दोनों देशों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

अधिकारियों ने निजी वार्ताओं पर चर्चा करने के लिए नाम न उजागर करने की शर्त पर यह जानकारी दी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्ष इन शर्तों को स्वीकार करेंगे या नहीं। ईरान का कहना है कि वह तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक उसे वित्तीय क्षतिपूर्ति और भविष्य में फिर से हमले न होने का आश्वासन नहीं मिल जाता।

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वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह ईरान के पुलों और बिजली प्लांटों पर बमबारी की धमकी दी है। इस प्रस्ताव की शर्तों की जानकारी सबसे पहले न्यूज वेबसाइट 'एक्सियोस' ने दी।

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