Ali Larijani: ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण युद्ध में बीते दिन ईरान को एक और बड़ा झटका लगा। देश की सुरक्षा रणनीति के मास्टरमाइंड और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी इजरायली हवाई हमले में मारे गए। ईरान ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर उनकी मौत की पुष्टि करते हुए उन्हें 'शहीद' का दर्जा दिया है।
लारीजानी को पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का 'दायां हाथ' माना जाता था। 28 फरवरी को खामेनेई की मौत के बाद, लारीजानी अब तक मारे गए सबसे सीनियर ईरानी अधिकारी हैं। लारीजानी न केवल रक्षा रणनीति देखते थे, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के भी सर्वेसर्वा थे।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स' के अनुसार, यह हमला परदिस इलाके में हुआ। 68 वर्षीय लारीजानी हमले के वक्त अपनी बेटी के घर पर मौजूद थे। इस घातक स्ट्राइक में लारीजानी के साथ उनके बेटे, एक डिप्टी और कई बॉडीगार्ड्स की भी मौत हो गई।
लारीजानी की हत्या के बाद ईरान की सेना और सरकार में भारी गुस्सा है। ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातमी ने चेतावनी देते हुए कहा, 'अपने सुरक्षा प्रमुख की हत्या का ईरान ऐसा जवाब देगा जो निर्णायक होगा और दुश्मनों को पछतावे पर मजबूर कर देगा।'
'क्रांति को और मजबूत बनाती है शहादत'
अपनी मौत से महज कुछ दिन पहले लारीजानी ने 'अल जजीरा' को एक इंटरव्यू दिया था। इंटरव्यू में खामेनेई को याद करते हुए उन्होंने कहा था, 'अयातुल्ला खामेनेई की शहादत के बाद लोग और ज्यादा जागरूक होकर क्रांति के साथ खड़े हैं। अगर वे पांच और लोगों को मार दें, तब भी कुछ नहीं बदलेगा।' लारीजानी ने इंटरव्यू में इमाम खामेनेई की बात दोहराते हुए कहा था, 'हमें मार डालो, हमारी कौम और भी ज्यादा जाग जाएगी। शहीद क्रांति को और मजबूत बनाते हैं।'
बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने साझा हवाई हमले कर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार गिराया था। तभी से यह संघर्ष तब चरम पर पहुंच गया। लारीजानी उन पहले नेताओं में से थे जिन्होंने इस हमले के बाद देश को संभाला और विरोधियों को चेतावनी दी थी कि वे ईरान के टुकड़े करने के सपने न देखें।