युद्ध के तनाव के बीच ईरान की राजधानी तेहरान से एक बेहद अजीब और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान सरकार ने तेहरान के बड़े-बड़े चौराहों पर उन युवाओं की सामूहिक शादियां (Mass Public Weddings) करवाई हैं, जिन्होंने सरकार की एक खास स्कीम के तहत अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध में अपनी जान कुर्बान करने की कसम खाई है।
सरकारी टीवी पर इन शादियों का लाइव टेलीकास्ट किया गया, ताकि जंग के इस माहौल में देश के लोगों और सैनिकों का हौसला बढ़ाया जा सके। दरअसल, 28 फरवरी को शुरू हुई जंग के बाद फिलहाल एक कमजोर सा सीजफायर चल रहा है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर नए सैन्य हमले की धमकियां दे रहे हैं।
क्या है यह 'जान देने' वाली 'जानफिदा' स्कीम?
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इन जोड़ों ने सरकार की "आत्म-बलिदान" (फारसी में जिसे 'जानफिदा' कहा जाता है) स्कीम में अपना नाम लिखवाया है।
इस कसम के तहत ये लोग युद्ध के समय देश के पावर स्टेशनों और जरूरी ठिकानों को बचाने के लिए उनके बाहर इंसानी दीवार (Human Chains) बनाएंगे, ताकि दुश्मन बमबारी न कर सके।
ईरानी सरकार का दावा है कि देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ जैसी बड़ी हस्तियों समेत देश के लाखों लोगों ने इस 'जानफिदा' स्कीम में अपना नाम दर्ज कराया है।
मशीन गन वाली जीपों में आए दूल्हा-दुल्हन
तेहरान के सबसे बड़े 'इमाम हुसैन चौक' पर करीब 110 जोड़ों की शादी कराई गई, जिसका नजारा बेहद अलग था। दूल्हा-दुल्हन लग्जरी गाड़ियों के बजाय सेना की उन जीपों में बैठकर आए जिन पर भारी मशीन गनें लगी हुई थीं।
शादियां एक बड़े मंच पर मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा कराई गईं। इस स्टेज पर ईरान के नए सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) मुजतबा खामेनेई की एक बहुत बड़ी तस्वीर लगाई गई थी। बता दें कि जंग के पहले ही दिन अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद मुजतबा नए लीडर बने हैं, लेकिन वे अभी तक जनता के सामने नहीं आए हैं।
शादी करने वाले जोड़ों ने क्या कहा?
सफेद रंग के इस्लामिक वेडिंग गाउन में आई एक दुल्हन ने कहा, "बेशक हमारा देश इस वक्त युद्ध का सामना कर रहा है, लेकिन युवाओं को शादी करने और अपनी जिंदगी शुरू करने का पूरा हक है।"
वहीं सूट-बूट पहने एक दूल्हे ने खुशी जताते हुए कहा कि वे भाग्यशाली हैं कि उनकी शादी इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद की बेटी फातिमा और हजरत अली की शादी की सालगिरह के पवित्र दिन पर हो रही है।
ईरान में जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, तब से सरकार देश की जनता को एकजुट रखने और अपनी ताकत दिखाने के लिए लगभग रोज ही ऐसे बड़े-बड़े सरकारी आयोजन कर रही है।