Israel-US Iran War: खामनेई की मौत के बाद ईरान हुआ आक्रामक! अबू धाबी, दुबई, कुवैत और दोहा में धमाके से दहशत

Israel-US Attacks Iran: ईरान की तरफ से किए गए हमले की अमेरिका और छह खाड़ी देशों ने कड़ी आलोचना की है। ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद तेहरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइल हमला तेज कर दिया है। सोमवार (2 मार्च) सुबह दुबई, दोहा और अबू धाबी समेत खाड़ी के कई बड़े शहर धमाकों से दहल उठे

अपडेटेड Mar 02, 2026 पर 12:19 PM
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Israel-US Attacks Iran: अमेरिकी-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान अपने खाड़ी पड़ोसियों को निशाना बना रहा है

Israel-US Attacks Iran: इजरायल और अमेरिका की ओर से किए गए हमले के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में पड़ोसी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं। ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सोमवार (2 मार्च) को खाड़ी देशों पर मिसाइल हमला तेज कर दिया है। सोमवार सुबह दुबई, दोहा और अबू धाबी समेत खाड़ी के कई बड़े शहर धमाकों से दहल उठे। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के ईरान में मिसाइल हमलों के कुछ ही मिनट बाद तेल अवीव में भी एयर रेड सायरन बजते सुना गया।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों दुबई और अबू धाबी में भी धमाकों की आवाजें गूंज रही हैं। US-इजरायल के एयर हमलों के जवाब में तेहरान अपने खाड़ी पड़ोसियों को निशाना बना रहा है। तेल अवीव और यरुशलम में भी ईरान की तरफ से हमले की खबर आ रही है।

इजरायल में कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया है। इसके अलावा कुवैत में अमेरिकी दूतावास से भी धुएं के गुबार उठते देखे गए। ईरान के तेल और गैस से भरपूर खाड़ी के पड़ोसी देशों में अमेरिका के कई मिलिट्री बेस हैं। एयरपोर्ट और सीपोर्ट से लेकर रिहायशी इमारतों और होटलों तक खाड़ी में सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ है।


रविवार को ईरान ने बहरीन की राजधानी मनामा में एयरपोर्ट पर ड्रोन ने हमला किया, जिससे थोड़ा नुकसान हुआ। इजरायली सेना ने कहा है कि उसने ईरान से लॉन्च की गई मिसाइलों की पहचान कर ली है। न्यूज एजेसी AFP ने बताया कि यरुशलम और तेल अवीव में भी धमाके सुने गए। इसके बाद तेल अवीव और यरुशलम के ऊपर कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया।

ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार

ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए गए संकेतों के बीच एक शीर्ष ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि वे वाशिंगटन से बातचीत नहीं करेंगे। ट्रंप ने रविवार को संकेत दिया था कि वह ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं।

उन्होंने पत्रिका 'द अटलांटिक' से कहा, "वे बात करना चाहते हैं, मैंने बातचीत के लिए सहमति दे दी है, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा।" हालांकि, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने X पर चेतावनी भरे लहजे में लिखा, "हम अमेरिका से बातचीत नहीं करेंगे।"

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका-इजरायल ने रविवार को ईरान में कई जगहों पर जोरदार हमले किए। ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर बम गिराए और युद्धपोत भी तबाह कर दिए।

ईरानी नेताओं के मुताबिक, इन हमलों की शुरुआत से अब तक खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। बमबारी जारी रहने के साथ यह संघर्ष अमेरिका, इजरायल और ईरान से बाहर भी फैलने का खतरा पैदा हो गया। लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला ने इजरायल पर हमलों का दावा किया। इस पर इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की।

खाड़ी देशों ने उनके अहम ठिकानों पर हुए हमलों में कम से कम पांच आम नागरिकों की मौत के बाद चेतावनी दी कि वे ईरान के खिलाफ जवाबी कदम उठा सकते हैं। ईरान ने बदले का संकल्प लेते हुए जवाबी कार्रवाई में इजरायल और अरब देशों पर मिसाइलें दागीं।

तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत

अमेरिकी सेना ने रविवार को कहा कि ईरान पर अमेरिका के हमलों के दौरान उसके तीन सैनिक मारे गए। जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह पहली बार है जब इस बड़े सैन्य अभियान में अमेरिका की ओर से उसके सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

इजरायल के ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि 100 लड़ाकू विमानों ने एक साथ तेहरान में कई ठिकानों पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में ईरान की वायुसेना की इमारतों, मिसाइल कमान से जुड़े ठिकानों और आंतरिक सुरक्षा बल की इमारतों को निशाना बनाया गया।

अमेरिका की सेना ने कहा कि 'बी-टू स्टेल्थ' विमानों ने लगभग 900 किलोग्राम वजनी बमों से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के 9 युद्धपोत डुबो दिए गए हैं। साथ ही ईरानी नौसेना का मुख्यालय काफी हद तक नष्ट हो गया है।

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पिछले आठ महीनों में यह दूसरी बार है जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। पिछले साल जून महीने में 12 दिन चले संघर्ष में इजरायली और अमेरिकी हमलों से ईरान की हवाई सुरक्षा, सैन्य नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा था।

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