ईरान ने बुधवार को साफ कहा कि इजरायल अगर लेबनान पर हमले जारी रखता है और सीजफायर का उल्लंघन करता है, तो वह इस समझौते से बाहर हो जाएगा। Tasnim न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इजरायली हमलों के बाद ईरान ने Strait of Hormuz से तेल टैंकरों की आवाजाही भी रोक दी है। हालांकि इससे पहले अमेरिका की मध्यस्थता वाले सीजफायर के बाद दो टैंकर सुरक्षित गुजर चुके थे।
लेबनान हमलों पर ईरान सख्त रुख में
ईरानी मीडिया और Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान पर इजरायल की बमबारी को लेकर ईरान का सख्त रुख है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान सीजफायर से हटने और जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। Tasnim ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि अगर हमले नहीं रुके, तो ईरान समझौता खत्म कर देगा।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने टेलीग्राम पर बयान जारी कर कहा कि लेबनान में हुए हमलों और सीजफायर उल्लंघन के लिए इजरायल को सजा दी जाएगी।
इजरायल पर भरोसा नहीं: ईरान
Al Jazeera के मुताबिक, एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि सीजफायर पूरे क्षेत्र पर लागू होता है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल अक्सर अपने वादे तोड़ता है और उसे सिर्फ सख्ती से ही रोका जा सकता है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर होने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि सीजफायर हर जगह लागू होता है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। शरीफ ने यह भी बताया कि पाकिस्तान इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी करेगा, जहां आगे बातचीत हो सकती है।
शहबाज शरीफ ने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के उल्लंघन की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि इस समझौते का सम्मान किया जाए, ताकि हालात और न बिगड़ें।
वहीं इजरायल का कहना है कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने बुधवार को लेबनान में अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है।
इस बीच दक्षिण अफ्रीका में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इजरायल को सीजफायर उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया। पोस्ट में अमेरिका पर भी तीखा हमला किया गया। इसमें लिखा गया, 'ट्रंप, अगर आप इजरायल जैसे ‘बेकाबू कुत्ते’ को नहीं रोक सकते, तो क्या हम आपके लिए इन्हें पट्टा पहनाएं?'