पाकिस्तान में जहां बातचीत करने बैठेंगे ईरान और अमेरिका, उस जगह को कर दिया गया रेड जोन! ग्राउंड की डिटेल जानिए

Iran-US Peace Talks: इस हाई स्टेक बातचीत के लिए सुरक्षा के इंतजाम अक्टूबर 2024 में हुए 'शंघाई सहयोग संगठन' (SCO) शिखर सम्मेलन से भी अधिक कड़े हैं। जानकारी के मुताबिक, विदेशी मेहमानों के लिए 'ब्लू बुक' के तहत सुरक्षा और प्रोटोकॉल दिया जा रहा है

अपडेटेड Apr 09, 2026 पर 7:44 PM
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जहां विदेशी प्रतिनिधिमंडल रुकेंगे, उस एरिया को रेड जोन घोषित कर पूरी तरह से सील कर दिया गया है

Iran-US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच बीते दिनों सीजफायर को लेकर समझौता हुआ। अब पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक शांति वार्ता होनी है जिसके लिए राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर शहबाज सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं, ताकि इस 'VVIP' बातचीत में कोई खलल न पड़े। आइए आपको बताते हैं क्या है पूरी ग्राउंड रियल्टी।

दो दिन की छुट्टी के साथ सील हुआ 'रेड जोन'

इस्लामाबाद और रावलपिंडी प्रशासन ने 9 और 10 अप्रैल को छुट्टी घोषित कर दिया है। जहां विदेशी प्रतिनिधिमंडल रुकेंगे, उस एरिया को रेड जोन घोषित कर पूरी तरह से सील कर दिया गया है। रेड जोन के भीतर स्थित प्रमुख होटलों को सरकारी निर्देश पर खाली करा लिया गया है। रविवार शाम तक इन होटलों में केवल डेलिगेट्स और सुरक्षाकर्मी ही रहेंगे।


SCO समिट से भी ज्यादा सख्त बनाया गया सुरक्षा घेरा

अधिकारियों के अनुसार, इस बातचीत के लिए सुरक्षा के इंतजाम अक्टूबर 2024 में हुए 'शंघाई सहयोग संगठन' (SCO) शिखर सम्मेलन से भी अधिक कड़े हैं। विदेशी मेहमानों के लिए 'ब्लू बुक' के तहत सुरक्षा और प्रोटोकॉल दिया जा रहा है। उनकी आवाजाही के लिए अलग रूट तैयार किए गए हैं। पब्लिक के लिए मार्गल्ला हिल्स के प्रसिद्ध ट्रेल 2, 3, 4, 5 और सैदपुर गांव के पीछे के रास्तों को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। सभी सरकारी अस्पतालों और रेस्क्यू विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

चप्पे-चप्पे पर है सुरक्षाकर्मियों का पहरा

भले ही दफ्तर बंद हैं, लेकिन सरकार ने संघीय कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' का आदेश दिया है और स्टेशन न छोड़ने की हिदायत दी है। इसके अलावा पुलिस और अर्धसैनिक बल बस टर्मिनलों और कच्ची बस्तियों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इस्लामाबाद के प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है और खुफिया निगरानी बढ़ा दी गई है।

सीजफायर की क्या है मौजूदा स्थिति?

ट्रंप की ईरान पर भीषण हमले की डेडलाइन खत्म होने के कुछ समय बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सीजफायर का ऐलान किया। ट्रंप और ईरान ने भी उस पर हामी भरी। इसके बाद दोनों देशों के बीच शांति वार्ता का रास्ता खुला। हालांकि,  लेबनान में इजरायल ने अभी भी हमले जारी रखे हुए है जिससे खाड़ी में एक बार फिर से तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने कहा है कि, सीज फायर समझौते में लेबनान भी  शामिल था पर अमेरिका और इजरायल ने इससे पल्ला झाड़ लिया है। एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच शांति को लेकर वार्ता की तैयारी हो रही वहीं दूसरी ओर ईरान ने फिर से तेवर दिखाने शुरू कर दिए है।  ईरान का कहना है कि अगर हमले नहीं रुके तो होर्मुज  को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

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