Iran-US War Update: ईरानी सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने लोरेस्तान प्रांत (पश्चिमी ईरान) में तीन अमेरिकी बमों को फटने से पहले ही निष्क्रिय कर दिया है। IRGC ने मगंलवार (21 अप्रैल) को बताया कि उसके बम निरोधक दस्ते ने लोरेस्तान प्रांत में तीन अनफटे MK-84 बमों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया है।
ईरानी सेना ने कहा कि ये 2000 पाउंड (लगभग 900 किलोग्राम) के शक्तिशाली बम होते हैं। ये विनाशकारी बम धमाके के बाद जमीन में करीब 11 मीटर गहरा गड्ढा कर सकते हैं। IRGC के सूत्रों का हवाला देते हुए Press TV ने बताया, "इन हथियारों में तीन बिना फटे 2,000-पाउंड के US Mk-84 बम शामिल हैं, जो भारी विनाशकारी क्षमता से लैस थे।"
प्रेस टीवी ने आगे बताया, "लोरेस्तान IRGC ने तीन बिना फटे 2,000-पाउंड के US Mk-84 बमों को निष्क्रिय कर दिया। ये बम लेजर मार्गदर्शन, GPS और धातु में 38 सेंटीमीटर तक तथा कंक्रीट में 0.75 मीटर तक घुसने की भारी क्षमता से लैस हैं। ये 11 मीटर गहरे गड्ढे बना सकते हैं।"
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विश्वास व्यक्त किया है कि तेहरान कूटनीतिक बातचीत में शामिल होगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि ईरान सहयोग करने से इनकार करता है, तो उसे भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए शांति वार्ता के वास्ते मंगलवार को इस्लामाबाद जा सकते हैं।
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'न्यूयॉर्क पोस्ट' से कहा कि वेंस के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुका है। जबकि कुछ अन्य खबरों में उपराष्ट्रपति के वाशिंगटन में ही मौजूद होने की बात कही गई है।
आज पाकिस्तान पहुंच सकते हैं जेडी वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का यह संभावित दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब आठ अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के युद्धविराम की अवधि खत्म होने वाली है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं हुआ तो ईरान में पुलों और बिजली प्लांटों पर भीषण हमले किए जा सकते हैं।
वेंस के मंगलवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना है। अमेरिकी समाचार वेबसाइट 'एक्सियोस' ने तीन अमेरिकी सूत्रों के हवाले से खबर में कहा, "वेंस युद्ध को समाप्त कराने के लिए ईरान के साथ संभावित शांति वार्ता के वास्ते मंगलवार सुबह तक इस्लामाबाद रवाना हो सकते हैं।"
उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर के भी जाने की संभावना है। 'एक्सियोस' की खबर के अनुसार पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये के मध्यस्थों ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल से वार्ता में शामिल होने का अनुरोध किया।
सोमवार को 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने भी अपनी खबर में दो ईरानी अधिकारियों के हवाले से ईरान के प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद जाने की पुष्टि की है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबफ के इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की संभावना है