Iran-US War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (25 मई) को कहा कि अमेरिका और ईरान ने लगभग तीन महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक शांति समझौते पर बातचीत काफी हद तक पूरी कर ली है। ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन के तहत ईरान के साथ भविष्य में होने वाली किसी भी डील में कोई वित्तीय रियायत शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान हुए समझौते से पूरी तरह अलग होगी। ट्रंप ने कहा कि उनकी डील अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा तैयार की गई डील से अलग होगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, "अगर मैं ईरान के साथ कोई डील करता हूं, तो वह अच्छी और उचित होगी। ओबामा द्वारा की गई डील जैसी नहीं होगी, जिसने ईरान को भारी मात्रा में नकदी दी और परमाणु हथियार की स्पष्ट और खुली राह दी। हमारी डील बिल्कुल उलटी है। लेकिन किसी ने इसे देखा नहीं है या नहीं जानता कि यह क्या है। इस पर अभी पूरी तरह से बातचीत भी नहीं हुई है। इसलिए उन हारने वालों की बात मत सुनो, जो ऐसी चीज के बारे में आलोचना कर रहे हैं जिसके बारे में उन्हें कुछ भी पता नहीं है। मैं बुरी डील नहीं करता!"
हालांकि, ट्रंप ने कहा, "उन्होंने वार्ताकारों को समझौते की दिशा में जल्दबाजी नहीं करने का निर्देश दिया है, क्योंकि दोनों पक्षों को उचित समय लेना चाहिए और इसे (समझौता) सही तरीके से करना चाहिए।” ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत “व्यवस्थित एवं रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है। लेकिन उन्होंने वार्ताकारों को “समझौते की दिशा में जल्दबाजी नहीं करने” का निर्देश दिया है, क्योंकि समय हमारे (अमेरिका) पक्ष में है।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की अमेरिकी नाकाबंदी “तब तक पूरी तरह से जारी रहेगी। जब तक कि किसी समझौते पर सहमति नहीं बन जाती और उस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते।” ट्रंप ने कहा, "दोनों पक्षों को उचित समय लेना चाहिए और इसे (समझौता) सही तरीके से करना चाहिए। कोई गलती नहीं होनी चाहिए।"
उन्होंने ईरान को अब्राहम समझौते में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया, जो इजरायल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक एवं सुरक्षा संबंध स्थापित करने से संबंधित है। ट्रंप की ये टिप्पणियां सोशल मीडिया पर की गई उस घोषणा के एक दिन बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि समझौते पर बातचीत काफी हद तक पूरी हो चुकी है।
ट्रंप ने अरब देशों से की बात
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा था कि उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र, जॉर्डन, बहरीन और इजरायल के नेताओं से बात की है। ट्रंप ने रविवार को कहा, "ईरान के साथ हमारे संबंध कहीं अधिक पेशेवर और फलदायी होते जा रहे हैं। हालांकि, उन्हें समझना होगा कि वे परमाणु हथियार या बम न तो विकसित कर सकते हैं और न ही खरीद सकते हैं।"
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से 2015 में ईरान के साथ किए गए परमाणु समझौते की भी आलोचना की। उन्होंने सुझाव दिया कि ईरान अब्राहम समझौते में शामिल हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "मैं पश्चिम एशिया के सभी देशों को उनके समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, जो ऐतिहासिक अब्राहम समझौते के राष्ट्रों में शामिल होने से और भी बढ़ेगा एवं मजबूत होगा, और कौन जानता है, शायद ईरान भी इसमें शामिल होना चाहेगा।"
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ अखबार ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से प्रकाशित खबर में कहा कि वाशिंगटन और तेहरान ने एक ऐसे समझौते पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है, जिसके तहत ईरान के अपने यूरेनियम का निपटान करने की प्रतिबद्धता जताने के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि फिलहाल किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभी भी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता की अंतिम मंजूरी के अधीन है, जिसमें कई दिन लग सकते हैं।