ईरान के साथ चल रहे युद्ध में शक्तिशाली देश अमेरिका को अपनी वायुसेना (Air Force) का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। अमेरिकी संसद की एक आधिकारिक रिपोर्ट (CRS) के मुताबिक, इस युद्ध के दौरान अमेरिका के कम से कम 42 मिलिट्री विमान या तो पूरी तरह तबाह हो गए हैं या उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। इनमें दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट्स और जासूसी ड्रोन शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह नुकसान आगे और भी बढ़ सकता है।
हाल ही में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने बताया कि ईरान के खिलाफ चल रहे इस सैन्य अभियान (Operation Epic Fury) का खर्च बढ़कर लगभग 29 अरब डॉलर (करीब 2.4 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है। पेंटागन के फाइनेंस चीफ जूल्स हर्स्ट III ने संसद की सुनवाई में बताया कि खराब हुए हथियारों और विमानों को बदलने या उनकी मरम्मत करने की वजह से यह खर्च इतना ज्यादा बढ़ गया है।
कौन-कौन से अमेरिकी विमान हुए तबाह?
अमेरिकी संसद की रिपोर्ट में नुकसान झेलने वाले विमानों की जो लिस्ट सामने आई है, वह हैरान करने वाली है। इसमें शामिल हैं:
कैसे शुरू हुआ था यह युद्ध?
अमेरिका और ईरान के बीच यह जंग इस साल 28 फरवरी को शुरू हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर एक साथ कई बड़े हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सबसे बड़े नेता (सुप्रीम लीडर) अली खामेनेई सहित कई बड़े अधिकारियों की मौत हो गई थी। इसके बाद अप्रैल के महीने में दोनों देशों के बीच सीजफायर (युद्धविराम) हुआ था।
ईरान ने दी अमेरिका को खुली चुनौती
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया (X) पर अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने अमेरिकी रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा, "ईरान पर युद्ध थोपने के महीनों बाद आज अमेरिकी संसद खुद मान रही है कि उनके अरबों डॉलर के दर्जनों विमान तबाह हो गए हैं। हमारी जांबाज सेना दुनिया की पहली ऐसी सेना बनी है जिसने अमेरिका के घमंड कहे जाने वाले 'F-35 फाइटर जेट' को मार गिराया है।"
ईरान के विदेश मंत्री ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि दो महीने चले इस युद्ध से ईरान की सेना ने बहुत कुछ सीखा है। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ दोबारा युद्ध शुरू करने की गलती की, तो इस बार ईरान की तरफ से अमेरिका को ऐसे कई और बड़े 'सरप्राइज' (झटके) झेलने पड़ेंगे।