Meta Layoff: फेसबुक (Facebook), वाट्सऐप (Whatsapp) और इंस्टाग्राम (Instagram) की पैरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स ने अपने सिंगापुर में अपने एंप्लॉयीज को नौकरी से निकालना शुरू कर दिया है। मेटा दुनिया भर में अपने करीब 8 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी पर काम कर रही है और एशियाई सेंटर सिंगापुर में एंप्लॉयीज को निकालना इसी योजना का हिस्सा है। इस छंटनी का उद्देश्य कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ाना, लागत कम करना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बड़े निवेश को सपोर्ट करना है। कंपनी ने बुधवार सुबह ही दुनिया भर में एंप्ल़ॉयीज की इसकी जानकारी देनी शुरू की औऱ सबसे पहले सिंगापुर में एंप्लॉयीज को स्थानीय समयानुसार सुबह 4 बजे इसकी जानकारी मिली। यूरोप और अमेरिका के एंप्लॉयीज को भी उनके टाइम जोन के अनुसार जल्द ही इसकी जानकारी मिल सकती है।
Work from Home का मैसेज और छंटनी की तलवार
मेटा अपने एंप्लॉयीज को घर से काम करने के लिए कह रही है तो साथ ही दुनिया भर में करीब 8 हजार एंप्लॉयीज की नौकरी पर तलवार भी चला रही है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार जो छंटनी हो रही है, उसकी मार सबसे अधिक मेटा की इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों पर पड़ेगा, और साल के आखिरी तक अतिरिक्त छंटनी भी हो सकती है। छंटनी और रीएसाइनमेंट्स से पहले मार्च के आखिरी तक कंपनी में करीब 80,000 एंप्लॉयीज थे।
सोमवार को मेटा ने अपने स्टॉफ को बताया था कि करीब 7,000 एंप्लॉयीज को एआई से जुड़े काम के लिए बनाई गई टीमों में भेजा गया है, जो एआई प्रोडक्ट्स और एजेंट्स पर काम करेंगी। कंपनी ने इस साल एआई पर $10 हजार करोड़ से अधिक खर्च करने का लक्ष्य बनाया है। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एआई को कंपनी टॉप प्रॉयोरिटी में रख दिया है। वह अल्फाबेट (Alphabet) की गूगल (Alphabet) और ओपनएआई (OpenAI) से भिड़ंत में अपनी सभी रिसोर्सेज का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते मेटा के वर्कफोर्स और इनके काम करने के तरीके में बड़े बदलाव हुए हैं।
मार्क जुकरबर्ग ने कंपनी की एफिसिएंसी बढ़ाने पर जोर दिया है जिसके तहत छंटनी भी की जा रही है। उन्होंने कोडिंग और अन्य काम के लिए एआई एजेंट्स का इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। साथ ही तकनीक को बेहतर बनाने के लिए एंप्लॉयीज के डिवाइसेड को ट्रैक करने की योजना बनाई है। इसके अलावा एंप्लॉयीज से फीडबैक को लेकर अपना कुछ काम एआई से लैस असिस्टेंट के जरिए किया है।
हालांकि इन बदलावों को लेकर मेटा के एंप्लॉयीज परेशान हैं और चिंतित भी हैं। इसे लेकर उन्होंने मार्क जुकरबर्ग और कंपनी के अन्य लीडर्स को एक याचिका भेजी है जिस पर एक हजार से अधिक लोगों ने साइन किया हुआ है। इसमें एंप्लॉयीज की मांग है कि एआई को ट्रेनिंग दको लेकर उनके डिवाइसेज से डेटा न लिया जाए। बता दें कि ये डेटा कीस्ट्रोक्स से लेकर माउस मूवमेंट्स और स्क्रीन कंटेंट जैसी बारीक जानकारी भी हो सकती है। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर छंटनी को लेकर शिकायत की है कि इसके खतरे ने उनके काम और मनोबल को प्रभावित किया है।
वैसे बता दें कि मेटा की एआई पर ताबड़तोड़ खर्च ने निवेशकों को परेशान कर दिया है और उनका डर है कि यह फायदेमंद नहीं होगा। एक तरफ मेटा का अनुमान है कि एआई से जुड़े निवेश के चलते इसे जितना झटका लगेगा, उसकी भरपाई छंटनी से हो जाएगी लेकिन एवरकोर का अनुमान है कि छंटनी से सिर्फ $300 करोड़ के करीब की बचत होगी जोकि इस साल मेटा के $14.5 हजार करोड़ के अनुमानित कैपिटल एक्सपेंडिचर का थोड़ा ही हिस्सा है। इसके अलावा कंपनी इस दशक के आखिरी तक एआई पर सैकड़ों अरब डॉलर भी खर्च कर सकता है।