Standard Chartered Layoff News: ब्रिटिश मल्टीनेशनल बैंक स्टैंडर्ड चार्टर्ड में बड़ी संख्या में एंप्लॉयीज की नौकरियां जाने वाली हैं। एआई से लैस वर्क मॉडल पर इसकी योजना 15% से अधिक सपोर्ट-बेस्ड रोल घटाने की है। टेक सेक्टर में हाहाकार मचाने के बाद एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के निशाने पर अब फाइनेंशयल सेक्टर है। एआई के चलते टेक सेक्टर में बड़ी संख्या में एंप्लॉयीज की नौकरियां गईं और अब फाइनेंशियल सेक्टर में इसकी तलवार चल रही है क्योंकि कंपनियां इस उभरती तकनीक को अपने बिजनेस मॉडल में लागू करने और इंटीग्रेट करने और ह्यूमन रिसोर्सेज यानी इंसानों पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।
क्या है Standard Chartered का प्लान?
इंटरनेशनल बैंक स्टैंडर्ड चार्टर्ड का कहना है कि उसका फोकस प्रोडक्टिविटी में सुधार लाने पर है ताकि वर्ष 2028 तक हर एंप्लॉयीज की कमाई में 20% की बढ़ोतकी की जा सके। इसे साल 2030 तक 15% से अधिक कॉरपोरेट एंप्लॉयीज में कटौती करने से सपोर्ट मिलेगा। बैंक ने एआई से लैस बिजनेस मॉडल पर कहा कि ऑटोमेशन, एडवांस्ड एनालिटिक्स और एआई का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है ताकि फैसले लेने की क्षमता तो मजबूत किया जा सके और क्लाइंट सर्विस और इंटर्नल एफिसिएंसी, दोनों को बढ़ाया जा सके।
कैसी है स्टैंडर्ड चार्टर्ड की सेहत?
स्टैंडर्ड चार्टर्ड का कहना है कि इलमे साल 2026 के मीडियम टर्म के वित्तीय लक्ष्यों को निर्धारित समय से एक साल पहले ही हासिल कर लिया है। बैंक के मुताबिक अब उसके पास अधिक फोकस्ड, स्ट्रीमलाइन्ड यानी सुव्यवस्थित और एफिसिएंट ऑर्गेनाइजेशन यानी कुशल संगठन है जो उसे अगले चरण के ग्रोथ के लिए मजबूत स्थिति में रखता है और बैंक की रणनीति को बड़े पैमाने पर और तेज गति से लागू करने में सक्षम बनाता है। बता दें कि स्टैंडर्ड चार्डर्ड का हेडक्वार्टर लंदन में है और इसका कारोबार एशिया, अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के 54 से अधिक देशों में फैला हुआ है। यह कॉरपोरेट और इंवेस्टमेंट बैंकिंग और वेल्थ और रिटेल बैंकिंग सर्विसेज ऑफर करता है।