Microsoft में Gates Foundation ने बेच दी पूरी हिस्सेदारी, इस कारण लिया बड़ा फैसला

मार्केट की उठा-पटक के बीच बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने दुनिया की सबसे अधिक वैल्यूएशन कंपनियों में शुमार माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में अपने सभी शेयर बेच दिए। जानिए कि इस फाउंडेशन ने आखिर माइक्रोसॉफ्ट के शेयर क्यों बेचे और क्या बिल गेट्स की अभी भी इसमें होल्डिंग है और अगर है तो कितनी

अपडेटेड May 17, 2026 पर 4:24 PM
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Microsoft के शेयरों की बिक्री बिल गेट्स की पहले ऐलान की गई योजना का हिस्सा है जिसके तहत उन्होंने कहा था था कि Bill & Melinda Gates Foundation का इरादा अपने एसेट्स को हमेशा के लिए बनाए रखने की बजाय तेजी से इस्तेमाल में लाने की है।

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) ने माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में अपनी बची हुई हिस्सेदारी पूरी तरह बेच दी है। फाउंडेशन ने करीब $320 करोड़ (₹30.71 हजार करोड़) के लगभग 77 लाख शेयर बेच दिए। इसमें से अधिकतर शेयर बिल एक्मन (Bill Ackman) की पर्शिंग स्क्वेयर कैपिटल मैनेजमेंट (Pershing Square Capital Management) ने खरीदे हैं। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बिक्री के बाद अब माइक्रोसॉफ्ट होल्डिंग्स से बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन पूरी तरह बाहर निकल गई है।

आखिर क्यों बेचे बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने सभी शेयर

यह बिक्री फाउंडेशन की चैरिबेटल खर्चों की हाई फंडिंग और वर्ष 2045 तक अपनी एंडोमेंट यानी निधि को धीरे-धीरे समाप्त करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इसका कंपनी के बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं है। बिल एंड गेट्स फाउंडेशन ने सालाना ग्रांट को बढ़ाकर $900 करोड़ (₹86.37 हजार करोड़) करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई है। ऐसे में समय के साथ इसे अधिक पैसों की जरूरत होगी क्योंकि यह वैश्विक स्वास्थ्य, शिक्षा, गरीबी कम करने और पर्यावरण से जुड़े प्रोग्राम्स पर खर्च बढ़ा रही है।


फाउंडेशन ने बार-बार कहा है कि इसके निवेश की स्ट्रैटेजी किसी एक कंपनी में अपने मालिकाना हक को अधिक से अधिक करने की बजाय लोगों की भलाई के लिए किए जाने वाले काम को लंबे समय तक सपोर्ट करने की है।

माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों की बिक्री बिल गेट्स की पहले ऐलान की गई योजना का हिस्सा है जिसके तहत उन्होंने कहा था था कि फाउंडेशन का इरादा अपने एसेट्स को हमेशा के लिए बनाए रखने की बजाय तेजी से इस्तेमाल में लाने की है। बिल गेट्स की यह स्ट्रैटेजी कई बड़े चैरिटेबल संस्थाओं के ट्रे़डिशनल एंडोमेंट मॉडल से अलग है।

इस फाउंडेशन को बिल गेट्स और मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने वर्ष 2000 में शुरू किया था। यह दुनिया के सबसे बड़े प्राइवेट चैरिटेबल फाउंडेशंस में शुमार है। इसने वैकसीन, संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण, खेती के विकास और कई देशों में पब्लिक हेल्थ सिस्टम जैसे बड़े पैमाने के प्रोग्राम में निवेश किया है। पिछले 10 वर्षों में फाउंडेशन की पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव आया है और इसने टेक्नोलॉजी से हटकर इंडस्ट्रीज, हेल्थ सर्विस, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंज्यूमर कंपनियों और जलवायु से जुड़े सेक्टर्स में ताबड़तोड़ निवेश किया।

Bill Gates के पास अभी भी Microsoft के शेयर

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने माइक्रोसॉफ्ट में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है लेकिन बिल गेट्स की अभी भी इस कंपनी में हिस्सेदारी बनी हुई है। याहू फाइनेंस की रिपोर्ट के मुताबिक पर्सनल पोर्टफोलियो और निवेश संस्थाओं के जरिए अभी भी उनके पास माइक्रोसॉफ्ट के 10 करोड़ से अधिक शेयर हैं। माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में शुमार है। मौजूदा माहौल में इसे क्लाउड कंप्यूटिंग और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी मांग से तगड़ा सपोर्ट मिला है। ओपनएआई (OpenAI) में अपनी साझेदारी के जरिए यह वैश्विक एआई निवेश साइकिल में अहम केंद्र बनी हुई है।

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