ईरान युद्ध में AI बना US का असली दिमाग, मिनटों में बने 1000 हमले के प्लान! इस सीक्रेट सॉफ्टवेयर के दम पर लड़ा अमेरिका
US Iran War: ईरान युद्ध शायद दुनिया का पहला बड़ा युद्ध है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने रीयल टाइम में मिलिट्री ऑपरेशंस को निर्देशित किया। और इस सबके बीच में है एक सॉफ्टवेयर कंपनी- Palantir - जिसके बारे में कुछ साल पहले तक वॉशिंगटन और वॉल स्ट्रीट के बाहर ज्यादा लोगों ने नहीं सुना था
ईरान युद्ध में AI बना US का असली दिगमा, मिनटों में बने 1000 हमले के प्लान! इस सीक्रेट सॉफ्टवेयर के दम पर लड़ा अमेरिका (IMAGE- AI Generated)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर 'Palantir Technologies' नाम की कंपनी की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “इस सॉफ्टवेयर कंपनी ने युद्ध लड़ने में बहुत अच्छी क्षमता और उपकरण साबित किए हैं। बस हमारे दुश्मनों से पूछ लो।” राष्ट्रपति का यह सीधा समर्थन कंपनी के लिए बहुत बड़ी बात है। इसके पीछे की कहानी यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ ईमेल लिखने तक सीमित नहीं रहा- वो अब युद्ध के केंद्र में भी आ गया है।
ईरान युद्ध शायद दुनिया का पहला बड़ा युद्ध है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने रीयल टाइम में मिलिट्री ऑपरेशंस को निर्देशित किया। और इस सबके बीच में है एक सॉफ्टवेयर कंपनी- Palantir - जिसके बारे में कुछ साल पहले तक वॉशिंगटन और वॉल स्ट्रीट के बाहर ज्यादा लोगों ने नहीं सुना था।
28 फरवरी को तेहरान पर बम गिरने से पहले, पेंटागन के निर्देश पर एक सॉफ्टवेयर ने सैटेलाइट की हजारों तस्वीरों और ड्रोन वीडियो को फिल्टर कर अमेरिकी कमांडरों के लिए 1000 से ज्यादा हमले के विकल्प तैयार किए।
जिन फैसलों में इंसानी विश्लेषकों को कई दिन लग जाते, उन्हें इस AI ने कुछ मिनटों में पूरा कर दिया। हमले खुद इंसानों ने किए, लेकिन बीच का सारा भारी काम Maven ने किया। Palantir का Maven Smart System (MSS), जो Anthropic कंपनी के Claude आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर चलता है।
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, Claude पहले आतंकवाद विरोधी काम और वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अगवा करने में इस्तेमाल हुआ था, लेकिन “बड़े पैमाने के युद्ध ऑपरेशंस” में यह पहली बार इस्तेमाल हुआ है।
पिछले एक साल में अमेरिकी सरकार ने Maven और Claude के इस कॉम्बिनेशन को इतना विकसित कर लिया कि अब यह अमेरिकी सेना के ज्यादातर हिस्सों में रोजाना इस्तेमाल हो रहा है।
मध्य पूर्व में US मिलिट्री ऑपरेशंस के चीफ रियर एडमिरल ब्रैड कूपर ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि AI प्लेटफॉर्म अधिकारियों को भारी मात्रा में जानकारी को कुछ सेकंड में छानने में मदद करते हैं। इससे हम “दुश्मन से तेज फैसले ले पाते हैं।”
Maven क्या है और यह कैसे काम करता है?
Maven Smart System एक कमांड-एंड-कंट्रोल टेक्नोलॉजी है। इसका मूल 2017 में पेंटागन के “Scarlet Dragon” प्रोग्राम से शुरू हुआ। इसका मकसद था- सेना के सभी हिस्सों (थलसेना, नौसेना, वायुसेना और स्पेस फोर्स) की खुफिया जानकारी को एक जगह जोड़कर एक शक्तिशाली AI नेटवर्क बनाना।
व्यावहारिक रूप से Maven युद्धक्षेत्र में वाहनों, हथियारों या इमारतों को पहचानता, ट्रैक करता और कैटेगराइज करता है। लक्ष्य की पहचान करने में लगने वाला समय कई घंटों से घटाकर एक मिनट से भी कम कर देता है।
इसके अलावा यह “predictive logistics” में भी मदद करता है- यानी कमांडरों को पहले से बता देता है कि कहां सामान की कमी पड़ सकती है और कब-कैसे हमला करना चाहिए।
Claude Maven को कैसे सोचने देता है?
नवंबर 2025 में Anthropic और Palantir ने हाथ मिलाया और Claude को Maven में जोड़ दिया। Claude का काम सिर्फ चीजों को पहचानना नहीं, बल्कि डेटा को समझना, पुरानी घटनाओं से तुलना करना और कमांडरों को गहरी समझ देना है।
हालांकि, इसमें कुछ विवाद भी हुआ। फरवरी में पेंटागन ने कहा था कि Anthropic ने स्वायत्त हथियारों या निगरानी में Claude इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी, इसलिए इसे Maven से हटाया जाएगा। Palantir ने कहा कि वह वैकल्पिक AI ढूंढ लेगा।
पेंटागन ने इसे आधिकारिक बना दिया
पिछले महीने Reuters ने रिपोर्ट किया कि पेंटागन ने Maven को “आधिकारिक कार्यक्रम” घोषित कर दिया है। डिप्टी डिफेंस सेक्रेटरी स्टिव फाइनबर्ग ने लिखा कि यह प्लेटफॉर्म कमांडरों को “दुश्मनों को हर डोमेन में पता लगाने, रोकने और हावी होने के लिए जरूरी आधुनिकतम टूल्स” देगा।
Maven युद्ध में नया नहीं है। इसके पुराने रूप पिछले 9 सालों से अमेरिकी सेना में इस्तेमाल हो रहे हैं- सोमालिया में अल-शबाब के खिलाफ, इराक-सीरिया में, अफगानिस्तान में बचाव अभियान में और रूस-यूक्रेन युद्ध की निगरानी में भी।
आलोचना का भी शिकार हो रहा सॉफ्टवेयर
ईरान अभियान में AI के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि Maven जैसे टूल्स इतनी तेजी से काम करते हैं कि आउटपुट की सही जांच के लिए समय बहुत कम मिलता है। अगर AI गलती कर दे तो इंसान के पास उसे पकड़ने का मौका न रहे।
अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट नेता AI प्लेटफॉर्म्स पर ज्यादा निगरानी की मांग कर रहे हैं। खासकर ईरान के मिनाब शहर में स्कूल पर हुए हमले की घटना के बाद, जिसमें ईरानी अधिकारियों के अनुसार 168 लोग मारे गए, जिनमें करीब 110 बच्चे थे। पेंटागन से पूछा जा रहा है कि क्या उस टारगेट की पहचान AI ने की थी।
Palantir के यूके-यूरोप प्रमुख लुईस मॉस्ले ने BBC को बताया कि Maven ईरान युद्ध मैनेजमेंट में “बहुत महत्वपूर्ण” रहा, लेकिन आखिरी फैसला हमेशा इंसान ही लेता है।
Palantir का सॉफ्टवेयर अब पेंटागन में इतना गहराई से घुस चुका है कि कंपनी एक साधारण डिफेंस ठेकेदार से बढ़कर अमेरिकी सैन्य ऑपरेशंस की केंद्रीय कंपनी बन गई है।
कंपनी को पिछले साल अमेरिकी थलसेना से 10 अरब डॉलर तक का बड़ा ठेका मिला है। इसका शेयर प्राइस पिछले एक साल में दोगुना हो गया है और मार्केट कैपिटलाइजेशन अब करीब 3 लाख करोड़ रुपये (350-360 अरब डॉलर) पहुंच गया है।