Iran War: 2003 के बाद पहली बार अमेरिका पर भारी पड़ा दुश्मन! दो US फाइटर जेट गिरे, दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर पर हमला, एक पायलट गायब
US Iran War: व्हाइट हाउस और पेंटागन ने इन दोनों गिराए गए विमानों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की। लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसकी पूरी जानकारी दे दी गई है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि वे दक्षिण-पश्चिमी ईरान में विमान गिरने वाले इलाके के आसपास तलाशी अभियान चला रहे हैं
Iran War: दो US फाइटर जेट गिरे, दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर पर हमला, एक पायलट गायब, 2003 के बाद पहली बार अमेरिका पर भारी पड़ा दुश्मन
ईरान ने शुक्रवार को दो अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराए। दोनों विमानों के पायलट्स में से दो को बचा लिया गया है, जबकि तीसरा अभी भी लापता है और तेहरान उसे ढूंढ रहा है। पहला विमान अमेरिका का दो सीट वाला F-15E जेट था, जो ईरान के अंदर मार गिराया गया। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने उसके दो क्रू मेंबर्स में से एक को बचा लिया है, दूसरा अभी भी गायब है।
यह F-15E स्ट्राइक ईगल विमान की कीमत करीब 31.1 मिलियन डॉलर (लगभग 289 करोड़ रुपए) है। इसमें एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर बैठते हैं। यह अभी साफ नहीं है कि दोनों में से किसे बचाया गया है।
दूसरा विमान A-10 वॉर्थॉग लड़ाकू विमान था, जिसकी कीमत करीब 18.8 मिलियन डॉलर (लगभग 174 करोड़ रुपए) है। इसे भी मारा गया और ये कुवैत के ऊपर क्रैश हो गया। इसके पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया था।
2003 के बाद अमेरिका पर भारी पड़ा दुश्मन!
आखिरी बार कोई अमेरिकी लड़ाकू विमान दुश्मन की गोलियों से मार गिराया गया था, वो 2003 में अमेरिका के इराक पर हमले करने के समय हुआ था।
इराक युद्ध के शुरुआती चरण में अमेरिका ने कुछ विमान खोए। उदाहरण के लिए, एक A-10 थंडरबोल्ट और एक F-15E स्ट्राइक ईगल को इराकी मिसाइलों या तकनीकी खराबी के कारण नुकसान पहुंचा था।
अमेरिका को सबसे बड़ी चोट हेलीकॉप्टरों के मामले में लगी। इराकी विद्रोहियों ने कंधे पर रखकर चलाई जाने वाली मिसाइलों (MANPADS) और भारी मशीनी गन से कई AH-64 अपाचे, ब्लैक हॉक और चिनूक हेलीकॉप्टरों को मार गिराया। पूरे युद्ध के दौरान अमेरिका ने लगभग 100 से ज्यादा हेलीकॉप्टर खोए थे।
लापता पायलट की तलाश में शामिल दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर भी ईरान ने मारे, लेकिन दोनों ही ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहे। ये जानकारी दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को दी।
ट्रंप बोले- ये तो जंग है
व्हाइट हाउस और पेंटागन ने इन दोनों गिराए गए विमानों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की। लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसकी पूरी जानकारी दे दी गई है।
ट्रंप ने NBC न्यूज से बात करते हुए कहा कि F-15 के गिरने से ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। ये तो जंग है।”
यह घटना उस बयान के एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद हुई है, जब ट्रंप ने कहा था कि ईरान की सेना पूरी तरह हार चुकी है। उन्होंने कहा था, “हम अब तेहरान और उनके देश के दूसरे इलाकों के ऊपर बिना किसी रोक-टोक के विमान उड़ा रहे हैं। वो कुछ भी नहीं कर सकते।”
ईरान ने कुवैत के कैंप ब्यूहरिंग बेस पर भी एक अमेरिकी CH-47 चिनूक हेलिकॉप्टर को ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचाया। ईरानी सेना ने कुवैत और दूसरे खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बार-बार हमले किए हैं।
ईरान ने अमेरिकी पायलट के ऊपर रखा इनाम
एक ईरानी सरकारी टीवी चैनल के रिपोर्टर ने कहा कि जो भी अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़ लेगा, उसे “बहुत कीमती इनाम” दिया जाएगा।
एक ईरानी गवर्नर ने भी यह वादा किया कि जो कोई “दुश्मन की सेना” को पकड़े या मार डाले, उसे सराहना और पुरस्कार मिलेगा।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि वे दक्षिण-पश्चिमी ईरान में विमान गिरने वाले इलाके के आसपास तलाशी अभियान चला रहे हैं।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की जंग अब “ईरान की सरकार बदलने” से गिरकर “अपने पायलट्स ढूंढने” तक आ गई है।
उन्होंने X पर लिखा: “37 बार ईरान को हराने के बाद भी इनकी बिना प्लान वाली जंग अब ‘रेजीम चेंज’ से गिरकर ‘अरे कोई हमारे पायलट्स ढूंढ तो दे?’ पर आ गई है। वाह क्या तरक्की है! कमाल के जीनियस हो ये लोग।”
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध
यह पहली बार है, जब ईरान युद्ध में कोई अमेरिकी विमान मार गिराया गया। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान पर हमला किया और उसके सुप्रीम लीडर अली खामेनी को मार डाला।
पूरे युद्ध के दौरान ईरान ने बार-बार दावा किया है कि उसने दुश्मन के पायलट वाले विमान मार गिराए हैं।
अमेरिकी सेना ने ईरान ऑपरेशन के दौरान कई विमानों के नुकसान की पुष्टि की है, जिसमें इराक में क्रैश हुआ एक टैंकर विमान और कुवैती फ्रेंडली फायर से तीन F-15 भी शामिल हैं।
इस युद्ध में अब तक 1,900 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। खाड़ी देशों में ईरान के जवाबी हमलों में दो दर्जन के करीब लोग मारे गए। इजरायल में 19 और अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है।