Ayatollah Ali Khamenei: अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में मातम! फफक फफककर रोने लगे ईरान के TV एंकर, देखें वीडियो

Khamenei Killing: अमेरिकी-इजरायल के जॉइंट एयर स्ट्राइक में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद एक ईरान के सरकारी न्यूज चैनल के एंकर रोने लगे। एक ईरानी टीवी एंकर खामेनेई की मौत की खबर सुनाते हुए ऑन एयर रो पड़ा। उसके अलावा एक महिला एंकर भी रोने लगी

अपडेटेड Mar 01, 2026 पर 11:59 AM
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Iran-Israel War: अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर देते ही फफक-फफककर रो पड़े ईरानी TV एंकर

Ayatollah Ali Khamenei Killing: ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायली हमले में मौत के बाद पूरे ईरान में मातम छा गया है। ईरानी टीवी न्यूज एंकर खामेनेई की मौत की खबर बढ़ते हुए फूट-फूटकर रोने लगे। एक ईरानी टीवी एंकर खामेनेई की मौत की खबर सुनाते हुए ऑन एयर रो पड़ा। इसके अलावा एक महिला एंकर भी फफक फफककर रोने लगी। ईरानी एंकरों ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को वह कीमत चुकानी पड़ेगी जो किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने कभी नहीं चुकाई।

अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की रविवार सुबह 86 वर्ष की उम्र में मौत हो गई। खामेनेई ने 1989 से इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व किया। खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में दशकों तक धार्मिक सत्ता स्थापित करने और देश को एक क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने का प्रयास किया। उनका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजरायल और अमेरिका के साथ टकराव रहा। उन पर देश में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को कुचलने के भी आरोप लगे।

ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इस बात की पुष्टि की है कि इजरायल और अमेरिका के हमले में खामेनेई मारे गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले ही कहा था कि खामेनेई को संयुक्त अभियान में मार गिराया गया है। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की 1989 में निधन के बाद खामेनेई ने सत्ता संभाला। उन्होंने इस्लामी गणराज्य को पूरी तरह से नया रूप दिया। खोमैनी एक जोशीले और करिश्माई विचारक थे।


उन्होंने शाह को सत्ता से बेदखल कर शिया मुस्लिम धर्मगुरुओं का शासन स्थापित किया। खामेनेई ने खोमैनी से कहीं अधिक समय तक शासन किया। खामनेई ने शिया धर्मगुरु वर्ग का व्यापक विस्तार किया और अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को अपने शासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनाया। धीरे धीरे रिवोल्यूशनरी गार्ड देश में प्रमुख सैन्य ताकत बन गया।

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हालांकि, अपने परमाणु कार्यक्रमों को लेकर ईरान विश्व के देशों के निशाने पर आ गया। ईरान पर कई प्रतिबंध लगाए गए जिससे उसकी अर्थव्यवस्था डंवाडोल होती चली गई। इस बीच राजनीतिक दमन और लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को हवा दी। वर्ष 2022 में महसा अमिनी की मौत से उपजे आक्रोश ने सामाजिक पाबंदियों के खिलाफ प्रदर्शनों का रूप ले लिया। महसा को हिजाब नहीं पहनने के कारण हिरासत में लिया गया था।

खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए सबसे भीषण कार्रवाई की। सुरक्षा बलों ने भीड़ पर गोलियां चलाईं, जिसमें हजारों लोग मारे गए। इसी दौरान, 7 अक्टूबर, 2023 को ईरान समर्थित हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया। इसके बाद ईरान और इजरायल के बीच टकराव हुआ। इजरायल ने जून 2025 में ईरान पर फिर से हमला किया। तब उसने और अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया था।

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