Mohammad Bagher Ghalibaf: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने गुरुवार, 16 अप्रैल को कहा कि हाल ही में घोषित सीजफायर क्षेत्रीय सहयोगियों के विरोध और मजबूती का नतीजा है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान इस सीजफायर को लेकर सावधानी बरतेगा। इस दौरान उन्होंने मध्यस्थता के लिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को धन्यवाद भी दिया।
गालिबफ ने अपने बयान में कहा कि यह सीजफायर हिज्बुल्लाह की मेहनत का परिणाम है। ईरान और उसके सहयोगी तब तक एकजुट रहेंगे जब तक कि "पूर्ण विजय" प्राप्त नहीं हो जाती।
हालांकि, उन्होंने संघर्ष रुकने का स्वागत किया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि ईरान हर स्थिति पर नजर रखेगा और किसी भी उल्लंघन का जवाब देगा। उन्होंने कहा, "हम इस सीजफायर को सावधानी से लेंगे," इस बयान से साफ है कि पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी बना हुआ है और भरोसा पूरी तरह नहीं बना है।
ईरानी संसद अध्यक्ष ने मुनीर को धन्यवाद किया
गालिबफ ने सीजफायर कराने में पाकिस्तान की भूमिका को भी स्वीकार किया और मध्यस्थता से जुड़े प्रयासों के लिए सरकार और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि हाल के राजनयिक प्रयासों में इस्लामाबाद एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभरा है।
ईरान के रुख को दोहराते हुए संसद अध्यक्ष गालिबफ ने कहा कि देश अपने वादों पर कायम रहेगा। इससे संकेत मिलता है कि बातचीत जारी रहने के बावजूद ईरान अपनी रणनीति में कोई बदलाव नहीं करेगा।
बता दें कि लेबनान और इजराइल के बीच 10 दिनों का सीजफायर गुरुवार से लागू हो गया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अगली बैठक इस हफ्ते के अंत में हो सकती है, जिससे ईरान युद्ध के जल्द समाप्त होने की उम्मीद बढ़ गई है।
ट्रंप का दावा, ईरान नहीं रखेगा 20 साल तक परमाणु हथियार
ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने 20 साल से अधिक समय तक परमाणु हथियार न रखने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में हुई बातचीत में तेहरान का परमाणु कार्यक्रम एक बड़ा मुद्दा बना रहा।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से कहा, "हम देखेंगे कि क्या होता है। लेकिन मुझे लगता है कि हम ईरान के साथ समझौता करने के बहुत करीब हैं।"