Iran: 'इस बार गोली निशाना नहीं चूकेगी', ईरानी टीवी पर ट्रंप को खुलेआम दी गई धमकी; उधर अमेरिका कभी भी बोल सकता है धावा

Iran Crisis: ईरान के सरकारी चैनल पर प्रसारित इस क्लिप ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। वीडियो में बटलर रैली का वही दृश्य दिखाया गया जहां ट्रंप को गोली लगी थी। फुटेज के साथ स्क्रीन पर कैप्शन लिखा था, 'इस बार गोली निशाना नहीं चूकेगी'

अपडेटेड Jan 15, 2026 पर 7:41 AM
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ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 2,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले की चेतावनी दी है

Iran-Trump: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दे दी है। इस धमकी के लिए ईरान ने 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया के बटलर में ट्रंप पर हुए अटैक के फुटेज का इस्तेमाल किया है, जिसमें ट्रंप के कान पर गोली लगी थी।

'इस बार, गोली निशाना नहीं चूकेगी'

ईरान के सरकारी चैनल पर प्रसारित इस क्लिप ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। वीडियो में बटलर रैली का वही दृश्य दिखाया गया जहां ट्रंप को गोली लगी थी। फुटेज के साथ स्क्रीन पर कैप्शन लिखा था, 'इस बार गोली निशाना नहीं चूकेगी'। यह धमकी उस समय आई है जब 15 जनवरी तक ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 2,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले की चेतावनी दी है।


'मदद रास्ते में है'- ट्रंप

धमकी के बीच ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप अपने सलाहकारों के साथ ईरान के परमाणु केंद्रों और मिसाइल ठिकानों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से कहा है कि 'मदद आ रही है'। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि फांसी और हत्याएं नहीं रुकीं, तो अमेरिका 'बहुत कड़ी कार्रवाई' करेगा।

बता दें कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में एक्शन लेना भी शुरू कर दिया है। कतर में अपने एयरबेस से कुछ कर्मियों को हटाने का आदेश दे दिया है, जिसे युद्ध की आहट के तौर पर देखा जा रहा है।

एक हफ्ते से ईरान में जारी है डिजिटल ब्लैकआउट

ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े विद्रोह का सामना कर रहा है। 8 जनवरी से ही पूरे देश में पूर्ण 'इंटरनेट ब्लैकआउट' है, ताकि हिंसा की तस्वीरें बाहर न आ सकें। मानवाधिकार समूहों का दावा है कि मरने वालों की संख्या 2,500 पार कर चुकी है। ईरानी सुरक्षा बल और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का दमन कर रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने इन प्रदर्शनों को विदेशी साजिश बताया है और ट्रंप व नेतन्याहू को 'ईरानी युवाओं का हत्यारा' करार दिया है।

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