FBI Director Kash Patel Controversy: वॉशिंगटन डीसी के हिल्टन होटल में हुई गोलीबारी की घटना से ठीक पहले, ट्रंप प्रशासन के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले FBI डायरेक्टर काश पटेल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स का दावा है कि काश पटेल का पद से हटना अब 'सिर्फ कुछ समय की बात' है। उन पर शराब के नशे में सार्वजनिक व्यवहार, गंभीर सुरक्षा चूक और प्रशासनिक अयोग्यता के आरोप लगे हैं, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी नाराज बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट में लगे नशे में धुत रहने के गंभीर आरोप
मैगजीन 'द अटलांटिक' (The Atlantic) की एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने काश पटेल की पेशेवर छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट का दावा है कि काश पटेल अक्सर वॉशिंगटन डीसी और लॉस वेगास के क्लबों में इतनी शराब पीते हैं कि वे पूरी तरह होश खो बैठते हैं। अधिकारियों को डर है कि इस तरह के व्यवहार से वे विदेशी खुफिया एजेंसियों के जाल में फंस सकते हैं या ब्लैकमेल किए जा सकते हैं। खुद शराब से दूर रहने वाले राष्ट्रपति ट्रंप तब और भड़क गए जब पटेल को अमेरिकी ओलंपिक पुरुष हॉकी टीम के साथ बीयर पीते देखा गया।
काश पटेल की मुश्किलों में उस वक्त इजाफा हुआ जब मार्च में ईरान से जुड़े एक हैकर ग्रुप ने उनके पर्सनल ईमेल को हैक करने का दावा किया। हैकर्स ने उनकी संवेदनशील तस्वीरें और सीवी (CV) सार्वजनिक कर दी, जिसे बाद में न्याय विभाग के अधिकारियों ने सही पाया। एफबीआई के भीतर के सूत्रों का कहना है कि अगर किसी राष्ट्रीय आपातकाल या आतंकी हमले के समय डायरेक्टर की मानसिक स्थिति ऐसी रही, तो यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।
'घबराए' हुए हैं काश पटेल?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में एक तकनीकी खराबी को पटेल ने गलत समझ लिया और उन्हें लगा कि उन्हें बर्खास्त किया जा रहा है। इस 'पैनिक अटैक' या 'पैरानॉयड फ्रीक-आउट' ने प्रशासन के भीतर यह संदेश दिया कि वे अपना आत्मविश्वास खो रहे हैं। इसके अलावा, उनकी मेंटर मानी जाने वाली पूर्व अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी के जाने से भी वे कमजोर हुए हैं।
250 मिलियन डॉलर का मानहानि केस
काश पटेल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। पटेल ने 'द अटलांटिक' पर 250 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उनके वकीलों का कहना है कि यह एक 'हिट पीस' यानी छवि खराब करने वाली खबर है जो बिना किसी पुख्ता सबूत के केवल अफवाहों के आधार पर लिखी गई है।
वैसे व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि 'राष्ट्रपति ट्रंप को अब भी एफबीआई डायरेक्टर पर भरोसा है।' हालांकि, अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि पर्दे के पीछे उनके रिप्लेसमेंट पर चर्चा शुरू हो चुकी है।