Israel Strikes Hezbollah: चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह के इजरायल पर हमले के बाद लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में सोमवार (2 मार्च) को कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई। ईरान को निशाना बनाकर इजरायल-अमेरिका की तरफ से शुरू किए गए हवाई हमलों के बाद हिजबुल्लाह संघर्ष कूद गया है। हिजबुल्ला पर इजरायल की ओर से जवाबी कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में 149 लोग घायल भी हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार मृतकों में से करीब दो-तिहाई दक्षिणी लेबनान के थे।
इस बीच, कुवैत में जारी हमलों के मद्देनजर अमेरिका ने वहां मौजूद अमेरिकियों के लिए चेतावनी जारी करते हुए उन्हें घर के अंदर रहने को कहा। उसने कहा, "दूतावास न आएं।" हालांकि, चेतावनी के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। दरअसल, कुवैत के उस इलाके में सोमवार को धुआं उठता देखा गया जहां अमेरिकी दूतावास स्थित है।
इससे पहले इलाके में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को दूतावास से दूर रहने की सलाह दी गई थी। कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले मिस्र के श्रमिक अयमान मोआद ने बताया कि उसने सोमवार को इलाके में धुआं देखा। हालांकि, अयमान को यह जानकारी नही थी कि क्या यह हमला विशेष रूप से उस दूतावास को निशाना बनाकर किया गया था।
इससे पहले, अमेरिका ने वहां मौजूद अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और घरों के भीतर रहने की तत्काल चेतावनी जारी की थी। इसके अलावा दुबई में भी कुछ स्थानों पर सोमवार को विस्फोट की आवाजें सुनाई दीं। अमेरिका और इजरायल द्वारा शनिवार को तेहरान पर हमला करने के बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों में इजरायली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमलों को अंजाम दिया है।
रविवार तड़के तेहरान द्वारा देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल-अमेरिका के हमलों में मौत की घोषणा किए जाने के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई तेज हो गई। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरानी हमले की शुरुआत से लेकर अब तक उसकी सेना ने 165 बैलिस्टिक मिसाइलों, दो क्रूज मिसाइलों और 541 ड्रोन के हमलों को झेला है।
ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक जबकि इजरायल में 40,000 से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं। खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की संख्या लगभग 90 लाख है। इस बीच, ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए गए संकेतों के बीच एक शीर्ष ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि वे वाशिंगटन से बातचीत नहीं करेंगे।
ट्रंप ने रविवार को संकेत दिया था कि वह ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने X पर चेतावनी भरे लहजे में लिखा, "हम अमेरिका से बातचीत नहीं करेंगे।"
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका-इजरायल ने रविवार को ईरान में कई जगहों पर जोरदार हमले किए। बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर बम गिराए और युद्धपोत भी तबाह कर दिए। ईरानी नेताओं के मुताबिक, इन हमलों की शुरुआत से अब तक खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।