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US Iran Mission: 'यह रेस्क्यू नहीं था...': क्या पायलट को बचाने का US मिशन एक कवर-अप था? ईरान ने उठाए सवाल

US Iran Mission: क्या अमेरिका का ईरान में अपने पायलट को बचाने का यह साहसी मिशन असल में किसी बड़े और खतरनाक ऑपरेशन को छिपाने की कोशिश था? कुछ लोग ऑनलाइन यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस मिशन का असली मकसद ईरान के परमाणु ठिकानों पर रखे यूरेनियम को कब्जे में लेना था।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Apr 06, 2026 पर 1:00 PM
US Iran Mission: 'यह रेस्क्यू नहीं था...': क्या पायलट को बचाने का US मिशन एक कवर-अप था? ईरान ने उठाए सवाल
'यह रेस्क्यू नहीं था...': क्या पायलट को बचाने का US मिशन एक कवर-अप था? ईरान ने उठाए सवाल

US Iran Mission: क्या अमेरिका का ईरान में अपने पायलट को बचाने का यह साहसी मिशन असल में किसी बड़े और खतरनाक ऑपरेशन को छिपाने की कोशिश था? कुछ लोग ऑनलाइन यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस मिशन का असली मकसद ईरान के परमाणु ठिकानों पर रखे यूरेनियम को कब्जे में लेना था, न कि सिर्फ एक पायलट को बचाना।

हफ्ते भर में ईरान के अंदर किए गए इस अमेरिकी ऑपरेशन को आधिकारिक तौर पर एक खतरनाक रेस्क्यू मिशन बताया गया है, लेकिन अब इसके “असल उद्देश्य” को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

ट्रंप ने किया पोस्ट

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, अमेरिकी सेना ने एक "अत्यंत सम्मानित कर्नल" को बचाने के लिए इतिहास के "सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू मिशनों में से एक" को अंजाम दिया। उन्होंने कहा, "मेरे निर्देश पर, अमेरिकी सेना ने दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान उन्हें वापस लाने के लिए भेजे। उन्हें चोटें आई हैं, लेकिन वे पूरी तरह ठीक हो जाएंगे।"

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