Donald Trump: 'सौदा नहीं हुआ तो ईरान के लिए बहुत बुरा होगा', खानमेई को ट्रंप की सीधी चेतावनी

Donald Trump On Iran: एक तरफ जहां युद्ध की बातें तेज हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर भी काफी हलचल है। अमेरिका ने कतर, बहरीन, इराक, सीरिया, कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और यूएई जैसे देशों में अपने सैन्य ठिकानों पर गतिविधियां बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तैनात लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारी सतर्क हैं

अपडेटेड Feb 24, 2026 पर 10:41 AM
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'मैं चाहूंगा कि कोई समझौता हो जाए, लेकिन अगर डील नहीं हुई, तो वह उस देश और वहां के शानदार लोगों के लिए बहुत बुरा दिन होगा'

US-Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच उन खबरों को 'राजनीति से प्रेरित' और '100% गलत' बताया जिनमें दावा किया गया था कि एक शीर्ष अमेरिकी जनरल ने ईरान के साथ युद्ध के खिलाफ चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे कूटनीति और समझौते को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन अगर बात नहीं बनी, तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट के जरिए उन मीडिया रिपोर्ट्स का जवाब दिया जिनमें कहा गया था कि जनरल डैनियल केन सैन्य कार्रवाई के खिलाफ हैं।

ट्रंप ने लिखा कि जनरल केन बाकी सभी की तरह युद्ध नहीं चाहते, लेकिन उनका मानना हैं  कि अगर ईरान के खिलाफ सैन्य फैसला लिया जाता है, तो यह जीत बहुत आसान होगी। ट्रंप के अनुसार, जनरल केन केवल एक ही चीज जानते हैं और वो है- 'जीतना'। अगर उन्हें आदेश दिया गया, तो वे सबसे आगे रहकर नेतृत्व करेंगे। ट्रंप ने उन खबरों को भी गलत बताया जो 'लिमिटेड स्ट्राइक' की बात कर रही थीं।

'मैं लूंगा अंतिम फैसला'


ट्रंप ने साफ कर दिया कि सेना के इस्तेमाल का अंतिम अधिकार उन्हीं के पास है। उन्होंने कहा, 'मैं वह व्यक्ति हूं जो फैसला लेता है। मैं चाहूंगा कि कोई समझौता हो जाए, लेकिन अगर डील नहीं हुई, तो वह उस देश और वहां के शानदार लोगों के लिए बहुत बुरा दिन होगा।' इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के लोगों को 'महान और अद्भुत' बताते हुए दुख जताया कि उनके साथ ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए थी।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल

एक तरफ जहां युद्ध की बातें तेज हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर भी काफी हलचल है। अमेरिका ने कतर, बहरीन, इराक, सीरिया, कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और यूएई जैसे देशों में अपने सैन्य ठिकानों पर गतिविधियां बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में तैनात लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारी सतर्क हैं।

कूटनीतिक मोर्चे पर अभी भी उम्मीद बरकरार है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि वे गुरुवार को जिनेवा में परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिल सकते हैं। इस महीने में दोनों देशों के बीच यह तीसरे दौर की बातचीत होगी।

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