Epstein Files-Bill Gates: एपस्टीन फाइल्स को लेकर आज कल रोज नए-नए खुलासे हो रहे है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और एपस्टीन के बीच संबंधों को लेकर एक नई रिपोर्ट ने खलबली मचा दी है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी लाखों पन्नों के दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन ने 2017 के एक ईमेल में बिल गेट्स को 'कंजूस' (Cheap) कहकर उनका मजाक उड़ाया था।
एपस्टीन का दावा था कि गेट्स के कथित तौर पर एक रूसी ब्रिज खिलाड़ी मिला अंतोनोवा के साथ संबंध थे, लेकिन गेट्स ने उसकी आर्थिक मदद नहीं की। एपस्टीन ने लिखा था कि दुनिया का सबसे अमीर आदमी इतना कंजूस है कि उसकी पूर्व मित्र एक दोस्त के सोफे पर रहने को मजबूर है और उसके पास एयर कंडीशनर तक के पैसे नहीं हैं।
निजी संबंधों को उजागर करने की दी थी धमकी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपस्टीन ने बिल गेट्स को ब्लैकमेल करने की भी कोशिश की थी। 2013 के कुछ ड्राफ्ट ईमेल में एपस्टीन ने आरोप लगाया था कि गेट्स रूसी लड़कियों के साथ संबंधों के कारण यौन संचारित रोगों (STD) की चपेट में आ गए थे और उन्होंने अपने सहयोगियों से दवाएं मंगवाई थीं। साल 2017 में जब गेट्स ने एपस्टीन के एक चैरिटेबल फंड में शामिल होने से इनकार कर दिया, तो एपस्टीन ने कथित तौर पर उनके और रूसी खिलाड़ी अंतोनोवा के संबंधों को सार्वजनिक करने की धमकी दी थी। हालांकि, बिल गेट्स के प्रवक्ता ने इन सभी आरोपों को 'पूरी तरह से झूठ और बेतुका' करार दिया है।
मेलिंडा गेट्स का छलका दर्द, बिल गेट्स ने दी सफाई
इन खुलासों पर बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने गहरा दुख व्यक्त किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इन नई जानकारियों को पढ़ना उनके लिए 'अविश्वसनीय रूप से दुखद' है और उनके विवाह के उन दर्दनाक पलों की याद दिलाता है जिनसे वह अब दूर हो चुकी हैं। दूसरी ओर बिल गेट्स ने ऑस्ट्रेलिया के एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि एपस्टीन के साथ बिताए हर मिनट का उन्हें पछतावा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल डिनर पर मिले थे और वे कभी एपस्टीन के निजी द्वीप पर नहीं गए और न ही किसी महिला से मिले।
फाइलों में उजागर हुई पीड़ितों की पहचान
इस पूरे मामले में अमेरिकी न्याय विभाग की एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करते समय विभाग ने संवेदनशील जानकारी को सही तरीके से नहीं छिपाया। इसके कारण कई पीड़ितों के नाम, उनके चेहरे, बिना कपड़ों की तस्वीरें और यहां तक कि बैंक खातों और सोशल सिक्योरिटी नंबर जैसी निजी जानकारियां सार्वजनिक हो गईं। मानवाधिकार वकीलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसके बाद विभाग ने अपनी तकनीकी गलती स्वीकार करते हुए फाइलों के संशोधित संस्करण दोबारा जारी करने की बात कही है।