Imran Khan Ouster: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को साल 2022 में सत्ता से बेदखल किए जाने को लेकर एक विस्फोटक खुलासा हुआ है। अमेरिकी खोजी वेबसाइट 'ड्रॉप साइट न्यूज' ने पाकिस्तान का वह सीक्रेट राजनयिक केबल यानी 'सायफर' लीक कर दिया है, जिसे इमरान खान अपनी सरकार गिराने के पीछे विदेशी साजिश का सबसे बड़ा सबूत बताते थे।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान के वर्तमान गृह मंत्री मोहसिन नकवी अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध टालने के लिए तेहरान में 'सीक्रेट मध्यस्थता' कर रहे हैं। इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि कैसे यूक्रेन युद्ध और पुतिन से हाथ मिलाने के कारण व्हाइट हाउस ने इमरान खान को हटाने का पूरा ताना-बाना बुना था।
'इमरान हटा, तो वाशिंगटन सब माफ कर देगा'
लीक हुए सीक्रेट दस्तावेजों के मुताबिक, मार्च 2022 में वाशिंगटन में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत और शीर्ष अमेरिकी राजनयिक डोनल्ड लू के बीच एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी। यह बैठक इमरान खान के मॉस्को दौरे और रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के ठीक बाद हुई थी।
दस्तावेज के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी डोनल्ड लू ने पाकिस्तानी राजदूत से कहा था, 'मुझे लगता है कि अगर इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कामयाब हो जाता है, तो वाशिंगटन में उनकी सारी गलतियां माफ कर दी जाएंगी। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो पाकिस्तान के लिए आगे का रास्ता बेहद कठिन होने वाला है।'
अमेरिकी अधिकारी ने साफ किया था कि इमरान खान का रूस दौरा और यूक्रेन संकट पर पाकिस्तान का न्यूट्रल स्टैंड दोनों देशों के रिश्तों में गहरी दरार डाल चुका है।
पुतिन से मुलाकात और जेक सुलिवन का वो 'सीक्रेट फोन कॉल'
साल 2022 में जिस दिन व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमले का ऐलान किया, ठीक उसी दिन इमरान खान मॉस्को में पुतिन से हाथ मिला रहे थे। यह बात अमेरिका को नागवार गुजरी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरे से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने अपने तत्कालीन पाकिस्तानी समकक्ष मोईद यूसुफ को फोन करके इमरान खान का मॉस्को दौरा रद्द कराने का भारी दबाव बनाया था।
सुलिवन ने चेतावनी दी थी कि अगर पाकिस्तान अमेरिका के साथ नहीं खड़ा हुआ, तो इसके अंजाम बुरे होंगे। हालांकि, पाकिस्तानी सेना और सरकार ने इस दौरे को पहले से तय बताते हुए रद्द करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में रूस के खिलाफ वोटिंग में हिस्सा भी नहीं लिया था।
इमरान खान की विदाई के बदले में मिला 'IMF लोन और हथियार डील'
इस सायफर मीटिंग के ठीक एक महीने बाद अप्रैल 2022 में इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटा दिया गया। इमरान खान की विदाई के बाद पाकिस्तान की नई सरकार और सैन्य एस्टेब्लिशमेंट ने तुरंत अमेरिका के साथ बिगड़े रिश्ते सुधारे।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सत्ता परिवर्तन के कुछ ही महीनों के भीतर पाकिस्तान गुपचुप तरीके से यूक्रेन को तोपखाने के गोले और सैन्य हथियारों की सप्लाई करने वाला बड़ा देश बन गया।
यूक्रेन को हथियारों की इस गुप्त सप्लाई के बदले अमेरिका ने परदे के पीछे से मदद की, जिसके चलते जुलाई 2023 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कंगाल हो रहे पाकिस्तान के लिए 3 अरब डॉलर का स्टैंडबाय लोन मंजूर किया था।
ट्रंप ने की इमरान खान की रिहाई को लेकर पैरवी?
हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय और पाकिस्तानी सेना हमेशा से इन आरोपों को खारिज करते आए हैं कि इमरान खान को हटाने में उनका कोई हाथ था। इमरान खान फिलहाल कई मामलों में जेल में बंद हैं। 'ड्रॉप साइट न्यूज' की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में निजी तौर पर पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व से इमरान खान की रिहाई और उनकी नजरबंदी के मुद्दे को सुलझाने को कहा है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।