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'यहां सबकुछ है खौफनाक है...', बांग्‍लादेश में मारे गए दीपू चंद्र दास के भाई ने बताया परिवार का हाल

बांग्लादेश में कथित ईशनिंदा के आरोप में 25 साल के हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और बाद में उसके शव को आग लगा दी गई। इस घटना से लोगों में भारी गुस्सा है और देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 22, 2025 पर 10:21 PM
'यहां सबकुछ है खौफनाक है...', बांग्‍लादेश में मारे गए दीपू चंद्र दास के भाई ने बताया परिवार का हाल
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा अपने चरम पर है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा अपने चरम पर है। बांग्लादेश में कथित ईशनिंदा के आरोप में 25 साल के हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और बाद में उसके शव को आग लगा दी गई। इस घटना से लोगों में भारी गुस्सा है और देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दीपू के भाई अपू दास ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि उनका परिवार बहुत डरा हुआ है और अब बांग्लादेश में नहीं रहना चाहता।

परिवार ने बताई ये पूरी कहानी

उन्होंने कहा कि अगर सही मदद मिलती है, तो उनका परिवार भारत लौटना चाहता है। अपू ने बताया कि दीपू अपने पीछे एक छोटा बच्चा छोड़ गया है। उन्होंने कहा, “अगर हमारे पास साधन होते, तो हम अभी बांग्लादेश छोड़ देते। अगर हमें मदद मिले, तो हम भारत वापस जाना चाहेंगे।”

अपू ने बताया कि उनका भाई बार-बार कहता रहा था कि उसने किसी का अपमान नहीं किया है। दीपू मैमनसिंह शहर की एक फैक्ट्री में काम करता था। ईशनिंदा के आरोप लगने के बाद पहले फैक्ट्री के बाहर भीड़ ने उसके साथ मारपीट की और फिर उसे एक पेड़ से लटका दिया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना गुरुवार रात हुई उस हिंसा के दौरान हुई, जो युवा नेता शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की थी। पुलिस ने बताया कि भीड़ ने हिंदू युवक के शव को ढाका-मैमनसिंह हाईवे के किनारे फेंक दिया और उसमें आग लगा दी। इससे सड़क के दोनों तरफ लंबा जाम लग गया।

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